मुक्त हुई तारा रकीबुल के जाल से.. दुनिया को दिखा गयी लव जिहाद की हकीकत .. लेकिन फिर भी रकीबुल बोला – ‘ अभी लड़ाई बाकी है”


अचानक ही उसकी जिंदगी उस अँधेरे की तरफ चली गई थी जिसको उसने सोचा भी नहीं था . उसने तो मात्र यही समझ के रकीबुल का हाथ थमा था की सब समान होते हैं और सबसे बड़ा होता है प्यार लेकिन बाद में जो कुछ निकल कर उसके सामने आया वो खौफनाक था जहाँ खुद उसके लिए वहीँ बाकी औरों के लिए था एक सबक जिसने देश की राजनीति में ला दिया था ऐसा भूचाल जो बाद में बन गया एक ऐसा शब्द जो तय करने लगा भारत की राजनीति की दिशा तक . ये शब्द था लव जिहाद , जिसकी शिकार बनी थी राष्ट्रीय स्तर की एक प्रसिद्ध महिला खिलाडी और तबाह हो गया उसका जीवन और कैरियर दोनों . 

विदित हो की की लव जिहाद के अब तक के सबसे चर्चित मामले की शिकार हुई नेशनल शूटर तारा सहदेव का रंजीत सिंह कोहली उर्फ रकीबुल से रांबाकयदा तलाक हो गया। तारा के लिए ये कहा जा सकता है की वो मुक्त हो गयी हैं . तारा की मुक्ति का ये फैसला रांची के फैमिली कोर्ट के प्रधान न्यायाधीश बीके गौतम की अदालत ने मंगलवार सुनाया जो तारा सहदेव के लिए किसी नए जीवन से कम नहीं था .।

एक लम्बी लेकिन आवश्य्क प्रक्रिया के बाद अदालत ने सुनवाई करते हुए तारा शाहदेव के कोहली से तलाक के आग्रह को स्वीकार कर लिया। इस फैसले के बाद अब तारा और रंजित कोहली उर्फ रकीबुल कानूनी रूप से अलग हो गए हैं। सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि तारा की ओर से तलाक से संबंधित जो साक्ष्य पेश किए गए हैं, उससे साबित होता है कि कोहली ने तारा के साथ क्रूरता का व्यवहार किया है। कोर्ट ने इसी को तलाक का आधार माना है। तारा शाहदेव ने छह जनवरी 2017 को कुटुंब न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश की अदालत में तलाक याचिका दाखिल की थी। .  तारा की ओर से झारखंड उच्च न्यायालय के अधिवक्ता एलसीएन शाहदेव ने अदालत में पक्ष रखा। यद्द्पि अभी भी रकीबुल उर्फ़ रंजीत तारा का पीछा छोड़ने को तैयार नहीं , वो बोला की वो इस फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट जाएगा .. रकीबुल उर्फ़ रंजीत का ये कहना तारा के लिए और बड़ी परेशानी का कारण बन सकता है क्योकि तारा जैसे तैसे खुद को उस जीवन से बचाना चाह रही है जो उसने पिछले समय में झेला है . 


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