विधायक का सुरक्षा गनर बन गया दुर्दांत आतंकी… मेरठ पुलिस को हिन्दूवादी कहने वाले अब हो गये खामोश

पिछले दिनों उत्तर प्रदेश के मेरठ में लव जिहाद के एक मामले में पुलिसिया कार्यवाही को लेकर मेरठ पुलिस पर हिंदूवादी होने का आरोप लगाने वालों का मुंह उस समय बंद हो गया जब जम्मू कश्मीर के विधायक के यहाँ तैनात जम्मू कश्मीर पुलिस का एसपीओ इस्लामिक आतंकी दल हिजबुल मुजाहिदीन में शामिल हो गया.  आपको बता दें कि जम्मू कश्मीर से पीडीपी के विधायक एजाज मीर का फरार एसपीओ आदिल बशीर अब हिजबुल मुजाहिदीन का आतंकी बन चुका है. आतंकी दल हिजबुल मुजाहिदीन ने हथियारों संग उसकी तस्वीर वायरल कर इसकी पुष्टि कर दी है.

गौरतलब है कि एसपीओ आदिल बशीर गत शुक्रवार को विधायक की लाईसेंसी पिस्तौल और सुरक्षा गार्द में शामिल आठ पुलिसकर्मियों की राइफलें लेकर फरार हो गया था. एसपीओ के फरार होने के बाद से ही उसके आतंकी संगठन में शामिल होने की आशंका जताई जा रही थी जो सच साबित हो गयी. बता दें कि पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी के वरिष्ठ नेता और विधायक एजाज मीर  आतंकियों को अपना भाई कहते हैं. विधायक एजाज मीर के आग्रह पर ही आदिल बशीर को उनके सुरक्षा दस्ते में शामिल किया गया था. आतंकी आदिल और विधायक एक ही गांव से संबधित हैं और विधायक के आग्रह पर आदिल को पहले एसपीओ और उसके उनके सुरक्षा दस्ते में शामिल किया गया था. एजाज मीर जिला शाेपियां में वाची क्षेत्र से चुने गए हैं और श्रीनगर के राजबाग में उन्हें सरकारी आवास प्रदान किया गया है. उनके सरकारी निवास से ही उनका एक एसपीओ हथियार लेकर फरार हुआ है. इस बीच, मामले की जांच कर रहे एक अधिकारी ने बताया कि विधायक एजाज मीर और उनके आठ सुरक्षाकर्मियों से पूछताछ हो रही है.

यह पता लगाया जा रहा है कि विधायक अगर कश्मीर से बाहर गए थे, तो उन्होंने पुलिस को सूचित क्यों नहीं किया, यह उनके लिए अत्यंत जरुरी था और इस बारे में उन्हें कई बार सचेत किया गया है.  इसके अलावा उनके सुरक्षाकर्मियों ने भी संबधित अधिकारियों को विधायक के कश्मीर से बाहर जाने के बारे में सूचित किया और न सुरक्षाकर्मियों ने अवकाश पर जाने की अनुमति ली और न अपने हथियार जमा कराए थे. यह सभी बातें कई तरह की शंकाओं को जन्म दे रही हैं. पूछताछ में तीन पुलिसकर्मियों की गतिविधियां भी संदिग्ध पाई गई हैं. फिलहाल, विधायक के सुरक्षा दस्ते में तैनात सात पुलिसकर्मियों सिलेक्शन ग्रेड कांस्टेबल अब्दुल हमीद,कांस्टेबल मंजूर अहमद, कांस्टेबल फारुक अहमद,एसपीओ आजाद अहमद, एसपीओ आसिफ अहमद राथर, एसपीओ इमरान अहमद और एसपीओ रईस अहमद को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर हिरासत में ले लिया गया है.

विधायक एजाज मीर की जवाहर नगर श्रीनगर स्थित सरकारी निवास से हथियार लेकर फरार हुए एसपीओ आदिल के बारे में कई सनसनीखेज खुलासे हुए हैं. बताया जाता है कि वह जेनपोरा शोपयािं के नामी पत्थरबाजों में एक रहा है. उसके खिलाफ वर्ष 2014 में शाेपियां व जेनपोरा में एफआईआर दर्ज हैं और संबधित मामले अदालत में विचाराधीन हैं. खुद राज्य पुलिस महानिदेशक दिलबाग सिंह ने माना है कि आदिल के आतंकियों के साथ संबंध हैं. जांच में जुटे अधिकारी खुद सकते में हैं कि व्यक्ति, जिसके खिलाफ पत्थरबाजी और राष्ट्रिवरोधी गतिविधियों का मामला दर्ज हो, बिना सिक्याेरिटी क्लियरेंस कैसे पुलिस संगठन में शामिल हो गया है. इसके अलावा उसे एक संरक्षित व्यक्ति के सुरक्षा दस्ते में कैसे तैनात किया गया है. मामले की जांच में जुटे अधिकारियों ने नाम न छापे जाने की शर्त पर बताया कि आदिल बशीर को पुलिस में एसपीओ नियुक्त कराने में विधायक की भूमिका का भी पता लगाया जा रहा है, क्योंकि दोनों एक ही गांव से हैं और विधायक के आग्रह पर ही आदिल को उनके सुरक्षा दस्ते में बतौर एसपीओ शामिल किया गया था.

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