गिलानी को ठीक कर रही NIA तो शहाबुद्दीन के होश ठिकाने लगा रही CBI .. आरोप पत्र दाखिल हुआ बिहार के इस अपराधी के विरुद्ध

राजदेव रंजन के हत्याकांड के मामले ने एक नया मोड़ आया है। राजदेव रंजन एक अग्रणी हिंदी दैनिक के अच्छे पत्रकार थे। पत्रकार का काम ही सच्चाई को सबके सामने लाना होता है। ऐसा ही किया पत्रकार राजदेव रंजन ने तो उन्हें क्यों मौत के घाट उतारा गया? क्यों उनकी सच्चाई को सामने आने से पहले उनकी ज़िन्दगी का हमेशा के लिए अंत कर दिया? क्या सच का साथ देना गुनाह है? पत्रकार राजदेव रंजन के हत्यारे को बक्शा नहीं जाएगा और सच्चाई का साथ देते हुए केंद्रीय जांच ब्यूरो सीबीआई ने पत्रकार के हत्या में शामिल राजद नेता शहाबुद्दीन के ख़िलाफ़ आरोप पत्र दायर किया है।

सूत्रों से पता चला है कि जांच एजेंसी ने पूर्व में दिसंबर 2016 में एक आरोपी के ख़िलाफ़ आरोप पत्र दायर किया था। इसी मामले के सम्बंद में केंद्रीय एजेंसी द्वारा जांच अपने हाथ में लिए जाने से पहले बिहार पुलिस ने मामले में छह लोगों के ख़िलाफ़ आरोप पत्र दायर किया था। राजद नेता शहाबुद्दीन का असली चेहरा अब सबके सामने आ चूका है। शहाबुद्दीन के खिलाफ सीबीआई द्वारा मुज़फ़्फ़रपुर की विशेष अदालत में दायर यह पूरक आरोप पत्र है। जद नेता शहाबुद्दीन पर आपराधिक साजिश तथा हत्या का आरोप लगाया है।
बता दें कि रंजन की पिछले साल 13 मई को सीवान में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। अपने पति की ह्त्या करने का आरोप रंजन की पत्नी ने शहाबुद्दीन पर लगाया था। इतना ही नहीं उन्हें सीवान निवासी चंद्रशेखर प्रसाद की अपील पर आए उच्चतम न्यायालय के आदेश पर तिहाड़ जेल लाया गया था। शहाबुद्दीन पर प्रसाद के तीन बेटों की हत्या करने का भी आरोप है। शहाबुद्दीन 45 से अधिक आपराधिक मामलों में मुक़दमे का सामना कर रहे हैं। सीबीआई ने मंगलवार को यहां एक बयान में कहा कि आपराधिक साजिश और हत्या से संबंधित भारतीय दंड संहिताओं की धाराओं और शस्त्र कानून के प्रावधानों के तहत फिलहाल तिहाड़ जेल में बंद शहाबुद्दीन के ख़िलाफ़ आरोप पत्र दायर किया गया है।
Share This Post

Leave a Reply