Breaking News:

सुप्रीम कोर्ट में पेश हुए जस्टिस कर्णन, दोनों पक्षों के बीच चली बहस

नई दिल्ली : कोलकाता हाईकोर्ट के जज जस्टिस कर्णन अवमानना मामले में सुप्रीम कोर्ट के सामने पेश हुए। सुनवाई के दौरान कर्णन ने कहा कि मैं करप्ट जजों के खिलाफ लड़ रहा हूं, जिनके खिलाफ कोई एक्शन नही लिया गया। मेरे ऊपर गलत आरोप लगाए जा रहे हैं।

उन्होंने कोर्ट से कहा कि मेरा ज्यूडिशियल कामकाज बहाल करें या मुझे सजा दें। हालांकि, कोर्ट ने उनकी मांग खारिज कर दी और उन्हें चार हफ्ते में अपना जवाब पेश करने को कहा। इसके साथ ही कहा कि मेरे से न्यायिक काम वापिस लेने से मैं मानसिक रूप से परेशान हो चला हूँ, मुझे गिरफ्तार करो या दण्डित करो, लेकिन मुझे मेरा काम लौटा दो।

कोर्ट ने उनके इस मांग को ठुकरा दिया। इस दौरान उनसे पूछा गया कि जज होने के बावजूद कानूनी प्रक्रिया पता नहीं। क्या वे जजों पर लगाये गए आरोप पर कायम हैं या फिर बिना शर्त माफी मांगने को तैयार हैं। आपको बता दें कि जस्टिस कर्णन 2011 से पूर्व और मौजूदा जजों पर शुरू से आरोप लगाते आ रहे हैं कि उनके दलित होने की वजह से उन्हें परेशान किया जा रहा है।

जस्टिस कर्णन ने 23 जनवरी को प्रधानमंत्री को लिखे एक खत में 20 सिटिंग और रिटायर्ड जजों पर करप्शन का आरोप लगाते हुए कार्रवाई किये जाने की मांग की थी। सुप्रीम कोर्ट ने जस्टिस कर्णन के इस तरह के खत और अलग-अलग जगह पर दिए गए बयानों का स्वतः संज्ञान लिया हैं। उल्लेखनीय है कि पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवमानना की वजह से जस्टिस करनन के ख़िलाफ़ ग़ैर ज़मानती वारंटी जारी कर दिया गया था।

Share This Post