इंदिरा के नाम की कैंटीन में घोटाला कर दिया कांग्रेस ने और वो भी एक मुख्यमंत्री ने

कांग्रेस के आज तक के इतिहास में कर्इ छोटे-बडे घोटाले सामने आए है। हर क्षेत्र में पैसा खाना इनकी आदत जैसी हो गर्इ है ! इस भ्रष्टाचार की जांच कर दोषियों पर कडी कार्यवाही हों, एेसी जनता की अपेक्षा है !  कर्नाटक में इंदिरा कैंटीन के उद्घाटन के महज ५ महीने बाद ही इसके पैसो में दुरुपयोग किया गया है, एेसी बात सामने आर्इ है। समाचार के अनुसार भ्रष्टाचार निरोधी पथक में कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और ५ अन्य लोगों के खिलाफ भ्रष्टाचार की शिकायत दर्ज हुई। यह शिकायत कर्नाटक के लेबर फोरम के अध्यक्ष नागेशद्वारा दर्ज कराई गई है।

शिकायत के अनुसार, बृहत बेंगलुरु महानगर पालिका (बीबीएमपी) करीब १०० वॉर्ड में कैंटीन चला रहा है। इसमें अधिकारीयों ने ४०० से ५०० थालियों का बिल भेजा जबकि कैंटीन में दिए गए टोकन केवल १५०-२०० थे। यहां कैंटीन में सर्व किए गए भोजन की मात्रा और अधिकारियोंद्वारा भेजे गए बिल की कुल राशि में भारी विसंगतियां हैं। अपनी शिकायत में नागेश ने मुख्यमंत्री सिद्धारमैया, इनचार्ज मंत्री केजे जॉर्ज, बीबीएमपी मेयर संपतराज, कमिश्नर मंजूनाथ प्रसाद और स्पेशल कमिश्नर मनोज रंजन का नाम लिया है।
नागेश ने बताया, ‘मैंने बेंगलुरु की १० से भी ज्यादा इंदिरा कैंटीन में भोजन आपूर्ति और परोसे गए भोजन में विसंगतियों से जुड़े जरूरी कागजात उपलब्ध कराए हैं। इसमें अधिकारीयों द्वारा चुकाए गए खाने के बिल में बड़ा झोल सामने आया है !’ नागेश ने कहा, ‘कैंटीन का विचार बहुत अच्छा है लेकिन यहां पारदर्शिता होना जरूरी है और जांच के बाद दोषियों पर कार्रवाई भी जरूरी है !’ वहीं बीबीएमपी के मेयर संपत राज ने मामले पर सफाई देते हुए कहा कि इंदिरा कैंटीन में कोई भ्रष्टाचार नहीं हुआ है। अब बेंगलुरु के १५४ वॉर्डों में इंदिरा कैंटीन चलाई जा रही है और अब तक हमने इसके ८.५३ करोड़ बिल का भुगतान किया है तो फिर इसमें २०० करोड़ के फ्रॉड की बात कहां से हो सकती है ? 
बता दें कि १६ अगस्त २०१७ को पहले चरण में बेंगलुरु के १९८ वॉर्ड में से १०१ वॉर्डों में इंदिरा कैंटीन का उद्घाटन हुआ। इसके बाद २ अक्टूबर को ५० और वॉर्डों को कैंटीन की सौगात मिली। २४ वॉर्डों में जगह-जमीन न मिलने की वजह से २६ जनवरी से मोबाइल कैंटीन की शुरुआत होगी !
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