आतंकियों को मौका देने जा रही कश्मीर की पुलिस.. बोली- “समर्पण कर दो तो ठीक होगा”

भारतीय सेना ने आतंकियों को एक आखिरी मौका दिया है, अगर वो आतंकी नए सिरे से अपनी जिंदगी शुरू करना चाहते हैं तो सेना उन्हें ये मौका दे सकती है। सेना और सीआरपीएफ के अधिकारियों का कहना है कि जो स्थानीय आतंकी फिर से सामान्य जिदंगी जिना चाहता है तो उसे ये मौका दोबारा दिया जाएगा। अधिकारियों ने कहा कि अब स्थानीय आतंकियों और सुरक्षा बलों के बीच गोलीबारी के दौरान भी आतंकियों का आत्मसमर्पण स्वीकार किया जाएगा। हम स्थानीय आतंकियों से फिर से आत्मसमर्पण और एक सामान्य जिंदगी शुरू करने की अपील करते हैं। हमारा उन स्थानीय आतंकियों को पूरा समर्थन होगा जो हथियार त्यागना चाहते हैं।

अधिकारी ने बताया कि 28 सितंबर को आतंकियों ने सड़क एवं भवन मंत्री के त्राल कस्बे से गुजरने के तुरंत बाद ग्रेनेड फेंके थे, जिसके बाद तुरंत कार्यवाही करते हुए जवानों ने गुलजार अहमद दार को गिरफ्तार किया था। खुलासा हुआ था कि आतंकी गुलजार अहमद का संबंध जैश-ए-मोहम्मद से है। आतंकी आए दिन इन आतंकवादी संगठनों की मदद से आतंकी हमलों को अंजाम देते हैं। लेकिन इस बार कश्मीर में आतंक फैलाने वाले इन आतंकियों को भारत द्वारा दिया गया ये आखिरी मौका होगा। आतंकी संगठन कश्मीर के स्थानीय लोगों को अपने जाल में फंसाते हैं और उन्हें आतंकी बनने की ट्रेनिंग देते हैं।
ट्रेनिंग के बाद ये आतंकी फिर कश्मीर में और भारतीय सेना पर गोलीबारी करते है। लेकिन अब इन लोगों के सामने इन आतंकी संगठनों का सच सामने आ गया है और अब ये आतंकी आतंक की दुनिया को छोड़कर सामान्य जिदंगी जिने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन कुछ आतंकी ऐसे हैं जिन्हें ये रास नहीं आ रहा है और ये आतंकी उन लोगों को या तो धमकाते हैं या फिर मार देते हैं। बता दें कि इससे पहले भी एक आतंकी ने आतंक की दुनिया को छोड़कर सामान्य जिदंगी जी ही रहा था, लेकिन उन आतंकियों वो रास नहीं आया और उसकी हत्या कर दी। 

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