कासिफ अपनी हत्यारी गैंग को बताता था “चीता गैंग”.. जिसके निशाने पर होते थे बेगुनाह

पुलिस के चंगुल से आज तक कोई भी अपराधी नहीं बच पाया है। कभी न कभी वो पुलिस के चंगुल में आ ही जाता है, चाहे वो कितना भी शातिर क्यों न हो। इस अपराधी के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। काफी समय से पुलिस को चखमा दे अपने आप को बहुत शातिर समझने वाला आखिरकार पुलिस की गिरफ्त में आ ही गया। दरअसल, पुलिस ने कासिफ चीता गैंग के शूटर को धर दबोचा। पांच साल पहले हुई डकैती का खुलासा कर पुलिस ने एक और कामयाबी हासिल की है।

बता दें कि पांच साल पहले सरूरपुर में हुई डकैती में शामिल पांच हजार के इनामी अनीस को लिसाड़ी गेट थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। एसपी सिटी मान सिंह चौहान ने बुधवार को पुलिस लाइन सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता में बताया कि पकड़ा गया बदमाश अनीस उर्फ मस्ताना निवासी ग्राम बड़का, थाना बड़ौत है और वहां लिसाड़ी गेट के तारापुरी में बांस वाली गली में छिपकर रह रहा था। एसपी सिटी ने बताया कि अनीस ने वर्ष 2012 में सरूरपुर के जसड़ गांव में डकैती डाली थी। सारिक और शाहीन मिलकर गैंग चलाते हैं। कुल मिलाकर इन सभी बदमाशों के गमैंग छोटा शकील से प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष तौर पर जुड़े हुए हैं।
मुखबिर की सुचना मिलने पर पुलिस ने तुरंत जामिया रेजीडेंसी के पास अनीस उर्फ मस्ताना को धर दबोचा। पुलिस ने उसके पास से एक चाकू बरामद किया। पांच साल पहले हुई इस डकैती में अब तक सात बदमाश जेल जा चुके थे, जबकि अनीस फरार चल रहा था। पुलिस ने फरार हुए अनीस पर पांच हजार रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। इनामी बदमाश अनस, कासिफ उर्फ चीता गैंग का सदस्य है। कासिफ, सारिक गैंग के लिए काम करता है। इतना ही नहीं इससे पहले भी अनीस लिसाड़ी गेट से दो बार आर्म्स एक्ट के मामले में जेल जा चुका है। 
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