लेनिन की मूर्ति तोड़े के विरोध में तोड़ दी उनकी प्रतिमा जिनके आदर्शों की दुहाई देते नहीं थकते हैं वामपंथी….जानिए अब कहाँ व किसकी प्रतिमा तोडी गयी

त्रिपुरा के बेलोनिया में लेनिन की मूर्ती ढहाए जाने के बाद बौखलाहट में वामपंथी पार्टियाँ अपना काला चेहरा उजागर कर रही हैं. लेनिन की मूर्ती तोड़े जाने के विरोध में पहले इन कामरेडों ने कोलकाता में देश की एकता के लिए अपने प्राण देने वाले अमर बलिदानी हुतात्मा डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा को तोड़ दिया. उसके बाद केरल के कन्नूर में वामपंथियों ने एक ऐसे व्यक्ति की प्रतिमा को तोड़ा है जिसके आदर्शों की दुहाई देते ये लोग थकते नहीं हैं.

वामपंथी पार्टियाँ तथा स्वघोषित धर्मनिरपेक्ष राजनैतिक दल स्वयं को गांधीजी के विचारों से प्रेरित बताते हैं. सड़क से लेकर संसद तक ये लोग गांधी जी के आदर्शों की दुहाई देते नहीं थकते लेकिन इन लोगों की वास्तविकता देश की जनता के सामने आ गयी है. लेनिन की मूर्ती तोड़े जाने का बदला वामपंथियों ने केरल में महात्मा गांधी की परतिमा को तोडकर लिया है.

जी हां! केरल के कन्नूर में इसलिए गांधी की प्रतिमा तोडी गयी है क्यूंकि इनके अनुसार भाजपा वालों ने लेनिन की मूर्ती गिराई है. गांधी की मूर्ती तोड़कर वामदलों ने खुद की असलियत को अपने आप जनता के आमने ला दिया है. जिन गांधी के नाम ये लोग पूरे देश को गुमराह करते हैं उनके आदर्शों की दुहाई देते हैं लेकिन एक विदेशी लेनिन के लिए इन्हीं कामरेडों ने इन्ही गांधी की प्रतिमा की बलि ले ली.

Share This Post

Leave a Reply