हिंदुस्तान में हिन्दी बोलने पर दी गयी घिनौनी सजा.. जगह वो जहाँ हिंदुत्व का परचम फहराया था आचार्य चाणक्य और महायोद्धा चन्द्रगुप्त ने

जहाँ कभी महात्मा चाणक्य तथा महाबली योद्धा चन्द्रगुप्त ने हिंदुत्व का परचम लहराया, वहां एक छात्र ने मातृभाषा हिन्दी में बात की तो उसको सजा का मात्र मां लिया गया तथा सजा भी ऐसी कि इंसानियत भी शर्मा जाए. मामला बिहार के नालंदा जिले का है जहाँ के एक ईसाई स्कूल में हिन्दी बोलने पर प्रिंसिपल ने छात्र का सिर मुंडवा दिया. इसके बाद से छात्र ने स्कूल जाना बंद कर दिया. घटना की जानकारी परिजनों को मिलने के बाद उन्होंने थाने में मामला दर्ज करवाया.

एक वक्त पर जिस नालंदा में दुनियाभर से लोग पढ़ने-पढ़ाने के लिए आया करते थे, वहां के अब हाल बेहाल हैं कि हिन्दी में बोलने पर सजा दी जाती है. बिहार थाना क्षेत्र के खंदकपर में छात्र के साथ घटना मामला इसकी पुष्टि करता है. यहां संत जोसेफ आकादमी में एक छात्र का मुंडन करा देने का मामला सामने आया है. नवमीं के छात्र सन्नी राज के अनुसार स्कूल में अंग्रेजी में ही बात करने का नियम है. इसका पालन न करने पर बच्चों को फाइन देना होता है और पैसे न भर पाने की स्थिति में सिर मुंडवा दिया जाता है.

गुरुवार को जब छात्र स्कूल पहुंचा तो साथियों से हिंदी में बात कर रहा था. ये देखकर प्रिंसिपल बाबू टी थॉमस काफी नाराज हो गए. उन्होंने छात्र को जबानी सजा देने की बजाए उसे स्कूल के गार्ड के साथ जबर्दस्ती सैलून भेजकर उसका सिर मुंडवा दिया. इस घटना से सकते में आया छात्र अगले दिन स्कूल नहीं गया. उसका मुंडा हुआ सिर और गुमसुम व्यवहार देखकर परिजनों ने जब पूछताछ की तो ये मामला सामने आया. गुस्साए परिजनों ने इस मामले को लेकर एसडीओ सदर, डीईओ समेत अन्य वरीय अधिकारियों को लिखित शिकायत दर्ज कराते हुए कार्रवाई की मांग की है.

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