UP में 16 PAC के जवानों को हुई सजा लेकिन ममता शासित बंगाल में सब इन्स्पेक्टर अमित की हत्या के 18 आरोपी बरी हुए, वो वामपंथी थे और उनके नाम शेख अलीम, शेख इस्माइल, शेख अब्दुल आदि थे

मेरठ के हाशिमपुरा मामले में PAC के 16 जवानों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई तो तथाकथित धर्मनिरपेक्ष तथा बुद्धिजीवियों की बांछें खिल गई. PAC के जवानों को सजा सुनाये जाने के बाद कहा गया कि ये न्याय हुआ है जबकि PAC के जवानों की भावनाओं को समझने का प्रयास किसी ने नहीं किया. लेकिन अब ममता शासित बंगाल में सब इंस्पेक्टर अमित चक्रवर्ती की ह्त्या करने वाले शेख अलीम, शेख इस्माइल, शेख अब्दुल सहित 15 लोगों को अदालत ने बरी कर दिया. जब पुलिस वाला अपनी ड्यूटी करता है तो पुलिस पर सवाल खड़े किये जाते हैं, उन्हें सजा मिलती है, जैसे 16 PAC का जवानों को मिली लेकिन जब पुलिस वाला अपराधियों के हाथों मारा जाता है तो पुलिस  जवान की ह्त्या करने वाले बरी हो जाते हैं, आखिर क्यों?

खबर के मुताबिक़, ऑन ड्यूटी वामपंथी लोगों के हमले में बलिदान हुए एसआई अमित चक्रवर्ती के 18  हत्यारोपियों को सिउड़ी जिला कोर्ट ने  बेकसूर बरी कर दिया. अदालत के फैसले से मृत एसआइ की पत्नी पुतुल चक्रवर्ती कोर्ट परिसर में ही फफक-फफक कर रोने लगी. एसआइ अमित चक्रवती की  पत्नी ने कहा कि उनके पति की हत्या मामले की सटीक जांच नहीं की गयी. घटना के संबंध में बताया जाता है कि बीते तीन दिसंबर 2014 को जिले के दुबराजपुर थाना के आउलिया ग्राम में 100 दिन काम को लेकर तृणमूल, माकपा के बीच संघर्ष की सूचना के बाद तात्कालीन एसआइ अमित चक्रवर्ती दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे. इसी दौरान उन पर अपराधियों ने बम से हमला कर दिया.

हमले में घायल होने के बाद गंभीर हालत में उन्हें दुर्गापुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती किया गया था. इलाज के दौरान ही अमित का 24 जुलाई को मौत हाे गयी थी. स्वत: संज्ञान लेती हुई पुलिस ने 48 लोगों के खिलाफ आरोप दायर किया. बाद में 50 लोगों के नाम पर कोर्ट में चार्जशीट जमा की गयी.  उक्त मामले में दुबराजपुर पंचायत समिति के तत्कालीन कर्माध्यक्ष व नेता शेख अलीम, शेख इस्माइल, शेख अब्दुल समेत अन्य के खिलाफ मामले दर्ज किये गये. मामले में कुल 21 लोगों को गिरफ्तार किया गया.
इनमें सुनवाई के दौरान दो लोगों की मौत हो गयी तथा एक के नाबालिग होने के नाते उसे जुवेनाइल कोर्ट में भेज दिया गया. सोमवार को सिउड़ी जिला कोर्ट के प्रथम अतिरिक्त जिला व दायरा न्यायाधीश ने फैसला सुनाते हुए 18 लोगों को बेकसूर करार दिया. सरकारी वकील ने बताया कि आरोपियों को कोर्ट ने बेकसूर बरी कर दिया है. मृत पुलिस ऑफिसर की पत्नी ने जांच पर सवाल खड़े किये हैं. सरकारी वकील ने भी बताया कि स्वयं मामले को लेकर न्यायाधीश ने कहा है कि घटना की उपयुक्त व सटीक जांच नही की गयी है.
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