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रजाब खान को उसके पड़ोसी मानते थे देशभक्त भारतीय.. लेकिन वो निकला गद्दार जिसको खुशी मिलती थी भारतीय वीरों के बलिदान से

रजाब खान जो उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के केकेसी पीजी कॉलेज के बीए प्रथम वर्ष का छात्र है, को उसके साथी तथा पड़ोसी देशभक्त भारतीय मानते थे. लेकिन उसकी हकीकत तब सामने आई जब कश्मीर के पुलवामा में CRPF के काफिले पर आतंकी   हमला हुआ तथा 40 से ज्यादा जवान बलिदान हो गये. जवानों के बलिदान के बाद जहाँ पूरा देश गम में डूब गया तो वहीं रजाब खान  चेहरे पर  मुस्कान तैर गई.  रजब खान ने अपने दोस्त से वाट्सएप चैटिंग के दौरान बलिदानियों पर अभद्र टिप्पणी की. सोशल मीडिया पर मैसेज वायरल होते ही सैकड़ों छात्रों ने शनिवार सुबह विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया. इसके बाद कृष्णानगर पुलिस ने रजाब खान को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया.

सीओ हजरतगंज अभय कुमार मिश्र के मुताबिक, कृष्णानगर आजादनगर निवासी रजब खान शुक्रवार शाम करीब चार बजे साथी शिवांक मिश्रा के साथ वाट्सएप पर चैटिंग कर रहा था. दोनों की आतंकी हमले को लेकर चैटिंग शुरू हुई. रजब खान ने पाकिस्तान का पक्ष लेते हुए शहीदों पर अभद्र टिप्पणी की. शिवांक ने यह जानकारी साथी देवेंद्र पांडेय (मंत्री भगवा रक्षा वाहिनी) और राजीव शर्मा को दी. देवेंद्र और राजीव ने टिप्पणी देर रात सोशल मीडिया पर वायरल कर दी. जिसके बाद मामला गरमा गया. शुक्रवार सुबह बड़ी संख्या में हिंदू युवा वाहिनी, भगवा रक्षा वाहिनी के कार्यकर्ता और पदाधिकारी समेत सैकड़ों छात्रों ने आरोपित छात्र पर कार्रवाई की मांग को लेकर कॉलेज में हंगामा शुरू कर दिया. यहां सीओ अभय कुमार मिश्र और कॉलेज प्रबंधन के लोगों ने मामला शांत कराया. इसके बाद छात्रों ने हुसैनगंज कोतवाली में प्रदर्शन शुरू कर दिया.

इसके बाद कृष्णानगर पुलिस ने रजाब खान को गिरफ्तार कर लिया. दोपहर देवेंद्र पांडेय की तहरीर पर रजब पर मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेज दिया तथा उसका मोबाइल जब्त कर लिया गया है. साइबर सेल मोबाइल के मैसेज और छात्र के किन किन लोगों से संपर्क थे. सारा इतिहास खंगाल रही है. कॉलेज के प्रचार्य एसडी शर्मा ने बताया कि रजब खान पुत्र अनीस खान को कॉलेज से निष्कासित कर दिया गया है.

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