जनपद अयोध्या , यहाँ सिर्फ अपराधी चिंतित हैं, पुलिसकर्मी और जनता नहीं.. श्रीराम के आशीर्वाद के साथ IPS आशीष तिवारी की मेहनत का असर

जब भी बात अयोध्या की आती है तो मन खुद से श्रद्धा भाव से झुक जाया करता है . आखिरकार ये स्थान भगवान श्रीराम की जन्मभूमि है जो संसार के सभी सनानत परम्परा को मानने वालों की आस्था का केंद्र बिंदु है.. जो किसी भी कारणवश कभी अयोध्या नहीं आ पाए उनके मन में अयोध्या की एक ऐसी सूरत होती है जिसमे रामराज्य की झलक प्रदर्शित होती है.. वो अभी भी अयोध्या को उसी रूप में कल्पना में देखते हैं जैसे प्रभु श्रीराम अपने काल में निर्माण कर के गये थे..

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी अपने रामराज्य की संकल्पना को साकार करने के लिए अपनी कर्मभूमि के रूप में अयोध्या को ही चुना है और हर बड़े पर्व पर अयोध्या को नए रूप में सजा संवार कर संसार के आगे प्रस्तुत कर रहे हैं.. सर्वोच्च अदालत में मामला चलने के कारण अयोध्या संसार भर में उनके बीच भी चर्चित है जो सनातन परम्परा से सम्बन्धित नहीं हैं . ऐसे में यहाँ पर पत्ता हिलना भी प्रदेश और देश स्तरीय खबर बनना तय हो जाता है ..

इतना ही नहीं , राष्ट्रविरोधी और संसार विरोधी कहे जा सकने वाले आतंकवाद और आतंकियों के निशाने पर भी अयोध्या इस से पहले रही है जिनसे आम जनमानस को सुरक्षित रखना भी शासन प्रशासन का परम दायित्व माना जाता है. उपरोक्त बातो को बताने का मतलब मात्र इतना है कि एक आम व्यक्ति धार्मिक रूप से न सही पर प्रशासनिक रूप से अनुमान लगा सकता है की यहाँ के अधिकारियों को कितने उच्चतम स्तर पर चौकन्ना रहना होता होगा ..

इन सबमे जिसके ऊपर सबसे ज्यादा जिम्मेदारी होती है वो विभाग है पुलिस का.. इस विभाग के ऊपर अयोध्या के आंतरिक मामलो से ले कर राष्ट्रीय अन्तराष्ट्रीय स्तर पर उठने वाले तूफानों पर सबसे आगे खड़े होने की जिम्मेदारी होती है.. इतना ही नहीं दुनिया भर से आने वाले तमाम पर्यटकों की सुरक्षा , उनके भूलने भटकने पर उनको सही स्थान पर जाना , आन्दोलन प्रदर्शनों को काबू में रखना जैसे तमाम ऐसे मुद्दे जिनको सहेजने के लिए अयोध्या पुलिस को शायद २४ घंटे भी कम पड़ते हों..

इन तमाम मामलो के साथ अयोध्या जनपद का अम्बेडकरनगर , सुल्तानपुर और बाराबंकी तक सीमा विस्तार जिसमे कई गाँव व् कस्बे आते हैं .. ये वो क्षेत्र है जो अयोध्या की धार्मिक परिधि का हिस्सा तो है लेकिन यहाँ लोगों के अपने व्यक्तिगत जीवन हैं.. इनके भी तमाम मामले हर दिन छोटे बड़े रूप में सामने आते ही रहते हैं .. आप अनुमान लगा सकते हैं की यहाँ का प्रशासन सम्भाल रहे अधिकारी को कितना सजग रहना होता होगा.. और वो सजग हैं भी .

इस समय अयोध्या जनपद का पुलिस विभाग IPS आशीष तिवारी जी के द्वारा संचालित है .. वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अयोध्या का पद आशीष तिवारी जी द्वारा सम्भालने के बाद अयोध्या में जो अमूलचूल परिवर्तन आया है उसको विस्तार से बताना शायद पूरी तरह से सम्भव न हो लेकिन अगर उसको बिन्दुवार बताने की कोशिश की जाय तो वो निम्नलिखित रूप में लिखा जा सकता है .. ये बिंदु आपको वर्तमान SSP अयोध्या की कर्मठता को दर्शाएंगे ..

उपलब्धि १- अयोध्या जनपद पूरी तरह से साम्प्रदायिक उन्माद से मुक्त है .. अयोध्या जनपद की सीमाओं के अन्दर एक भी ऐसी वारदात नहीं हुई जो साम्प्रदायिक तनाव कही जा सके..

उपलब्धि 2- हर प्रकार के माफियाओं पर नकले कसी गई.. भूमाफिया , गैंग्स्टर आदि कोई भी ऐसा नहीं था जिसको कानून की राह पर चलने पर मजबूर न कर दिया गया हो .. ख़ास बात ये है की इसके लिए पूरे उत्तर प्रदेश में शायद अयोध्या जनपद में ही पुलिस को सबसे कम गोली चलानी पड़ी..

उपलब्धि 3 – गौ तस्करी और गौ हत्या लगभग समाप्त हुई.. कभी जुबेरगंज नाम की पशु बाजार में ले जाने के बहाने गौ तस्करी और पशु तस्करी की जाती थी.. उसके अलावा कुछ क्षेत्र से गौकशी की खबरों को दबाना पड़ता था जहाँ खाल आदि बरामद होती थी.. इन सबको सख्ती से कुचला गया है और गौ तस्करी ही नहीं बल्कि पशु तस्करी भी काबू की गई .. अयोध्या से गोरखपुर लखनऊ व् बहराइच प्रयागराज मार्ग गुजरता है . इस पर कड़ी नजर रखी गई और इन मार्गो का उपयोग किसी भी रूप में अवैध कार्यो के लिए नहीं होने दिया गया .

उपलब्धि 4 – आबकारी विभाग से ज्यादा तेजी दिखाई मादक द्रव्यों के कारोबार को बंद करने में.. कई ऐसे ग्रामीण क्षेत्र जहाँ अवैध शराब व् अन्य मादक द्रव्यों का कारोबार होता था वहां अब पुलिस की सख्ती ने इन अवैध कार्यों को बंद होने पर मजबूर कर दिया है.. कड़ी चौकसी भी रखी जा रही जिस से दुबारा अपराध की वो बेल पनप न पाए ..

उपलब्धि 5 – IB व् अन्य सुरक्षा एजेंसियों की रिपोर्ट में अयोध्या संवेदनशील स्थल हुआ करता है आतंकी घटनाओं के दृष्टिकोण से.. लेकिन आशीष तिवारी जी के नेतृत्व में जनपद अयोध्या की पुलिस ने एक भी आतंकी घटना तो दूर एक आतंकी हरकत भी नहीं होने दी है जो एक बड़ी उपलब्धि कही जा सकती है .. रात्रि में गश्त , स्टेशनों और बस अड्डो पर लगातार चौकसी के चलते ये सम्भव हो पाया ..

उपलब्धि 6 – सामान्य श्रेणी के अपराध का ग्राफ बेहद तेजी से नीचे गिरा.. घरेलू हिंसा से ले कर , लूट , छिनौती आदि की घटनाओ में तेजी से कमी आई.. एक भी वारदात पुलिस की चौकसी के चलते जनपद में ऐसी नही हुई है जो लखनऊ तक उत्तरदायित्व के लिए किसी विपक्षी को अवसर दी हो..

उपलब्धि 7 – महिला सम्मान व् सुरक्षा के दृष्टिकोण से इतना समझना और जानना काफी है कि देर रात तक अयोध्या के धार्मिक व् शहरी क्षेत्र में महिलाये अपने रोजमर्रा के कार्यों को निश्चिन्त हो कर करती दिखाई दे जाती हैं .  उनको रोकने व् टोकने का साहस किसी में नहीं होता क्योकि उन असामाजिक तत्वों को कानून का डर उनके मन तक है .. जनपद अयोध्या का एक भी ऐसा मामला सामने नहीं आया जो किसी भी रूप में नारी उत्पीडन में शासन की बदनामी की वजह बना हो ..

उपलब्धि 8 – विश्वविद्यालय व् डिग्री कालेजो में पठन पाठन का माहौल तैयार हुआ .. कभी साकेत डिग्री कालेज व् कुछ अन्य कालेज दादागीरी व् मारपीट की घटनाओ के लिए चर्चा में रहा करते थे . मात्र कुछ गिने चुने ऐसे कथित दादाओं के चलते कई अन्य छात्रो को असुविधा होती थी .. पुलिस ने उन सभी को रडार पर रखा और आखिरकार उन्होंने घुटने टेक दिए जिसके बाद कालेजो व् स्कूलों में पठन पाठन का सकारत्मक माहौल तैयार हुआ जिसकी प्रसंशा खुद अध्यापक व् अभिभावकों ने भी की है ..

उपलब्धि 9- नदी क्षेत्र के पास जल पुलिस का कई बार सराहनीय कार्य .. पुलिस विभाग का ही अंग जल पुलिस है जिसने अनगिनत बार नदी में गलती से या जान बूझ कर चले गए कई लोगों को मौत के मुह से बचा कर निकाला .. जल पुलिस को साफ़ निर्देश हैं कि वो घाटो पर नजर रखे और किसी भी प्रकार की जन हानि को रोके . अयोध्या व् गुप्तारघाट के घाटो से कई बार ऐसे सराहनीय कार्य पुलिस के देखने को मिले हैं जिसकी तारीफ न सिर्फ आम जनता बल्कि साधू संतो ने भी की..

उपलब्धि 10 – श्रीराम नवमी के बहुत बड़े मेले व् अन्य भव्य आयोजनों की सफलतापूर्वक सुरक्षा व् व्यवस्था .. श्रीराम नवमी के मेले को कुम्भ का एक छोटा हिस्सा माना जाय तो गलत नहीं होगा .. यहाँ भी लाखों की संख्या में श्रद्धालु दुनिया भर से आये और उन्होंने पूरी निर्भयता से अपने आराध्य प्रभु के दर्शन किये व् सुरक्षित गन्तव्य की तरफ रवाना हुए .. सिर्फ इतना ही नहीं , इन लाखो श्रद्धालुओं के आने – जाने में ट्रैफिक जाम का न होना व उनके वाहनों के लिए पार्किंग की उत्तम व्यवस्था आदि ऐसे अतिरिक्त सराहनीय कार्य थे जो वर्तमान कप्तान आशीष तिवारी के नेत्तृव में पहली बार देखने को मिले थे..

उपलब्धि 11 – ये वो उपलब्धि है जिसका सीधा सम्बन्ध पुलिसकर्मियों के जीवन से जुड़ा है . यकीनन ये एक दुर्लभ उपलब्धि है वर्तमान समय के परिपेक्ष्य में.. वर्तमान समय में उत्तर प्रदेश पुलिस के कई सिपाही व सब इंस्पेक्टरों ने विभिन्न कारणों से आत्महत्या की जिसमे से कुछ ने अत्यधिक दबाव व् तनाव को कारण बताया है . ये आत्महत्याएँ प्रदेश के विभिन्न जिलों में हुई लेकिन IPS आशीष तिवारी के कुशल नेतृत्व में संचालित जनपद अयोध्या एक ऐसा जिला रहा जहाँ पर एक भी पुलिसकर्मी ने ये आत्मघाती कदम नहीं उठाया.. संख्या में सीमित और  सीमित संसाधन होने के बाद भी पुलिसकर्मियों का ऐसा प्रबन्धन SSP अयोध्या ने किया जो बाकी लोगों के लिए एक सीखने का विषय और आदर्श भी बन सकता है.. यहाँ अपराध और आतंक से लड़ता पुलिस वाला न ही तनाव में है और न ही दबाव में.. 

इसके आधार पर ये कहना गलत नहीं होगा कि जनपद अयोध्या में खौफ सिर्फ अपराधियों में है. ये वो जनपद है जहाँ पुलिसकर्मी और आम जनता दोनों सुख से जी रहे हैं , दुखी हैं तो केवल अपराधी .. निश्चित तौर पर अपने रामराज्य की शुरुआत करने के लिए योगी आदित्यनाथ ने जिस जनपद को चुना है वहां के पुलिस प्रमुख उनके सपनों को साकार करने की दिशा में अग्रसर हैं..

 

रिपोर्ट –

राहुल पाण्डेय 

सहायक सम्पादक – सुदर्शन न्यूज 

नोएडा मुख्यालय 

सम्पर्क – 9598805228

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