रोहिंग्या घुसपैठी हुसैन को अपनी बेटी भी दे दी थी यहीं के एक परिवार ने.. देश बड़ा या रोहिंग्या ?

जिस कथित धर्मनिरपेक्षता तथा मानवाधिकार की आड़ में तमाम कथित बुद्धिजीवी म्यांमार में बौद्धों तथा हिन्दुओं के हत्यारे रोहिंग्या घुसपैठियों की पैरोकारी करते हैं, वो अब देश के लिए नासूर बनती जा रही है. उन्मादी रोहिंग्या घुसपैठिये भी जानते हैं कि हिंदुस्तान में तमाम ऐसे कथित मानवाधिकारी, सेक्यूलर राजनेता तथा कथित बुद्धिजीवी जो सुरक्षा एजेंसियों के अलर्ट के बाद भी उनके समर्थन में तनकर खड़े हुए हैं. यही कारण है कि देश में मजहबी उन्मादी घुसपैठियों का संक्रमण बढ़ता ही जा रहा है.

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ऐसा ही एक मामला असम के लचर के बेरेंगा बागधारा से सामने आया है जहाँ सूचना के आधार पर असम राइफल्स ने एक संदिग्ध रोहिंग्या को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार रोहिंग्या की पहचान आलम हुसैन मजूमदार उर्फ आलम हुसैन चौधरी के रूप में हुई है जो म्यांमार के रखातान का निवासी है. इससे भी आश्चर्य की तथा हैरान करने वाली बात ये है कि आलम ने यहां की स्थानीय लडक़ी से शादी भी कर ली थी. जी हाँ, असम के एक व्यक्ति ने देश की सुरक्षा को ताक पर रखते हुए रोहिंग्या घुसपैठिये को अपनी बेटी सौंप दी थी.

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बताया गया है कि उसने पैन कार्ड, वोटर आई, बैंक पासबुकें और अन्य जरूरी दस्तावेज हासिल कर लिए थे। वह बगाधर पार्ट चार में अपनी पत्नी के साथ रह रहा था. अधिकारियों के मुताबिक संदेह है कि आलम कुछ आतंकी संगठनों के लिए जासूस के रूप में काम कर रहा था. आलम पहले फर्जी पहचान के आधार पर बांग्लादेश गया. बाद में सऊदी अरब और पाकिस्तान गया तथा फिर वह बांग्लादेश से वापस आ गया और भारत में घुसपैठ की. कुछ दिनों के लिए वह हाफलोंग में भी रूका था. उसके पास से कई फर्जी और संदिग्ध दस्तावेज बरामद किए गए हैं.

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