समाजवादी पार्टी नही कहेगी फैजाबाद को “अयोध्या” और इलाहाबाद को “प्रयागराज” ?


वो कहते हैं संविधान का सम्मान करना चाहिए, उन्होंने ये भी किया था कि उनके समय और शासन काल में लागू हुए सरकारी आदेशो का अक्षरश: पालन हो . यहाँ तक कि उनके ही पार्टी के शासन काल में सरकार के आदेश न मानने वाले कारसेवको को गोलियों से भून दिया गया था और बाद में उनके लिए ये कहा गया था कि वो कानून तोड़ रहे थे .

लेकिन अब उन्होंने दिखाया है ऐसा रूप जो उनकी किसी वर्ग को समर्थक और किसी वर्ग का विरोधी साबित कर रहा है . उनके दिखाए गये नए रूप में उन्होंने सरकार के द्वारा ही जारी किये गये नये आदेश को मानने से इंकार कर दिया है . उत्तर प्रदेश की वर्तमान योगी सरकार ने फैजाबाद का नाम बदल कर अयोध्या और इलाहाबाद का नाम बदल कर प्रयागराज कर दिया है .  लेकिन इस आदेशो मानने से समाजवादी पार्टी साफ़ साफ मुकरती दिखाई दे रही है .

समाजवादी पार्टी ने अभी कुछ दिन पहले ही अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से अयोध्या को फैजाबाद लिखा था, उस समय सेकुलरिज्म के तमाम बड़े नाम खामोश रहे थे और केवल सुदर्शन न्यूज ने इस खबर को दिखाया था.. लेकिन अब समाजवादी पार्टी ने एक और काम ऐसा किया जो ये साबित करता है कि वो अपने उसी राह पर है जिसके चलते उस पर विपक्ष मुस्लिम तुष्टिकरण का आरोप लगता है . समाजवादी पार्टी ने अब प्रयागराज को अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से इलाहाबाद लिखा है और उसको बाकायदा प्रचारित किया है . इसको लगभग सभी बड़े समाजवादियों ने शेयर भी किया है जो उनकी सहमति को दर्शाता है . इसी के साथ आम जनमानस द्वारा ये सवाल किया जा रहा है कि क्या समाजवादी पार्टी ने अयोध्या और प्रयागराज शब्द न कहने की जिद ठान ली है या उन्हें इन नामो से आपत्ति है …

 

देखिये वो ट्विट-


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