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पहलवान शौहर अयाज़उर रहमान सेक्स पॉवर की दवा लेता था.. तंग आ चुकी थी बीवी तो उठा लिया ये कदम

मध्य प्रदेश के जबलपुर के हाईप्रोफाइल अयाज़उर रहमान उर्फ़ कालू हत्याकांड की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है. अयाज़उर रहमान हत्याकांड का खुलासा करते हुए पुलिस ने कहा है कि अयाज़उर रहमान की ह्त्या उसकी पत्नी हिना ने इसलिए की थी क्योंकि अयाज़उर रहमान उसे प्रताड़ित करता था तथा सेक्स पॉवर की गोलियां लेकर उसके साथ शारीरिक संबध बनाता था. मध्य प्रदेश के जबलपुर शहर में पिछले 9 अक्टूबर को एक दबंग आदमी अयाज़उर रहमान की लाश बेनी सिंह की तलैया स्थित उसी के मकान में मिली थी. 32 वर्षीय रहमान को लोग कालू पहलवान के नाम से जानते थे क्योंकि वह पहलवान की कद काठी वाला हट्टा कट्टा आदमी था और एक समाजसेवी संस्था भी शुरू कर चुका था. कालू के कत्ल से पूरे इलाके में सनसनी फैली हुई थी और पुलिस जांच जारी थी.

तीन बच्चों की मां 25 वर्षीय हिना का बयान दर्ज किया गया. बकौल हिना – ‘उस रात कालू के कुछ दोस्त आने वाले थे जिनके साथ उसे बातचीत करना थी. चूंकि कालू बेहद गुस्सैल और रौबदार आदमी था इसलिए उसने बच्चों को लेकर मुझे ऊपर छत पर बने कमरे में जाने को कहा. मैं बच्चों को लेकर चली गई थी. मुझे नहीं पता था कि वो दोस्त कौन थे. जब मैं नीचे लौटी तो उस कमरे में कालू की लहूलुहान लाश पड़ी हुई थी जिसे देखकर मैं घबराहट में चीख पड़ी.’ ये बयान ठीक लग सकता था लेकिन इस बयान के पहले सीन आॅफ क्राइम का मुआयने के साथ ही कुछ लोगों के बयान लिये जा चुके थे इसलिए इस बयान में बहुत गुंजाइशें थीं कि शक पैदा हो. पुलिस को दिये बयान में किसी ने यह नहीं कहा था कि उस रात कालू से मिलने उसके दोस्त आए थे. दूसरी बात यह कि छत पर जाकर पुलिस देख चुकी थी तो वहां जमी धूल की परत इस बात का सबूत थी कि वहां कई दिनों से कोई नहीं गया था. उस धूल पर पैरों के या किसी किस्म के निशान नहीं थे.

हिना का बयान शक के दायरे में आया तो हिना से और पूछताछ की गई. पूछताछ के दौरान हिना बार बार अपनी बात बदलती रही. अब पूरा शक हिना पर था इसलिए पुलिस ने महिला पुलिस अफसरों की मदद से अकेले में हिना से सख़्ती के साथ पूछताछ करवाई और बहुत देर नहीं लगी हिना को टूटने में. आखिरकार हिना ने कत्ल का जुर्म कबूल किया और पूरी कहानी बयान कर दी. हिना की बताई कहानी इस तरह थी. समाज की नज़रों में इज़्ज़तदार और दबंग आदमी समझा जाने वाला कालू पहलवान हिना के लिए एक ज़ालिम शौहर के सिवाय कुछ नहीं था. कालू ने हिना को घर का काम करने वाली, किसी भी वक्त उसकी हर तरह की ज़रूरत पूरी करने वाली और उसके बच्चे पैदा करने वाली एक मशीन बना रखा था. शादी के कुछ ही सालों में हिना तीन बच्चों की मां बन चुकी थी. सबसे बड़ा बच्चा 5-6 बरस का था और सबसे छोटा डेढ़ साल का.

कालू अपनी ताकत की दम पर हिना की एक नहीं सुनता था और हिना अगर कभी कोई भी ऐतराज़ करे तो बुरी तरह पीटता था. कभी लातों, घूंसों से तो कभी बेल्ट और लाठी से. हिना के शरीर पर चोटों के निशान हर वक्त बने ही रहते थे. शारीरिक संबंध बनाना कालू के लिए सामान्य बात नहीं थी बल्कि आम पति पत्नी से उलट वह ज़बरदस्ती करता था और हिना को घायल कर देता था. एक तरफ, कालू के इस हिंसक बर्ताव से हिना भीतर तक घायल हो चुकी थी जबकि दूसरी तरफ, उसे कई बार शर्म महसूस होती थी क्योंकि कालू उसके साथ शारीरिक संबंध बनाते वक्त बच्चों का खयाल भी नहीं रखता था. छोटे छोटे बच्चों की आंखों के सामने बेशर्मी के साथ कालू वो सब कुछ करता था जो न करने के लिए हिना गिड़गिड़ाती रहती थी. हालात कुछ ऐसे हो गए थे कि शादी में हिना लगातार बलात्कार की शिकार हो रही थी.

हिना की तकलीफें कम नहीं थीं, उस पर एक ज़ुल्म और टूटा. पिछले कुछ वक्त से कालू को जोश यानी सेक्स पावर बढ़ाने वाली दवाओं का चस्का लग चुका था. वह इस किस्म की दवाओं का इस्तेमाल करता और हिना पर और भी बेदर्दी से ज़ुल्म ढाता था. तबीयत ठीक हो, न हो, सेहत खराब हो, न हो, किसी बात की परवा किए बगैर कालू अपनी संतुष्टि के लिए मारपीट कर हिना को इस्तेमाल करता रहा था और वह हिना को भी मजबूर करने लगा था कि वह भी सेक्स पावर वाली दवाओं का सेवन करे. हिना बेहद तकलीफ और परेशानी में थी इसलिए आए दिन झगड़ा होना और कालू के हाथों पिटना उसकी किस्मत बन चुकी थी. हिना को कुछ समझ नहीं आ रहा था कि वो इन हालात से किस तरह निकले क्योंकि घर में उसकी सुनने वाला कोई नहीं था. सब कालू के गुस्सैल मिज़ाज से घबराते और उससे कोई कुछ नहीं कह सकता था. हिना की चीखें किसी को सुनाई नहीं देती थीं इसलिए हिना के पास सिवाय बर्दाश्त करते जाने के कोई रास्ता नहीं था.

बीते 9 अक्टूबर को भी कालू अक्सर की तरह किसी सामाजिक कार्यक्रम में कसाई मंडी में गया था. वहां से कालू देर रात घर लौटा और उसने डांटने के अंदाज़ में हुक्म दिया तो हिना ने खाने-पानी का इंतज़ाम किया. इसके बाद कालू ने अपनी जेब से कुछ दवाएं निकालीं और खा गया. उसने कुछ दवाएं हिना को भी खाने को कहा लेकिन हिना ने साफ मना कर दिया. बात न मानने पर कालू ने रोज़मर्रा की तरह हिना को बुरी तरह पीट दिया. फिर वही हुआ जो रोज़ हुआ करता था लेकिन जो होने वाला था, वो पहले कभी नहीं हुआ था. ज़बरदस्ती करते हुए कालू ने हिना को रौंदना शुरू किया. हिना लगातार मना करती रही तो कालू ने एक धारदार चाकू निकाला और हिना के गले पर रख दिया. हिना को मार डालने का डर दिखाकर कालू ने उसके साथ बलात्कार किया. डरी हुई, बिलखती हिना बच्चों को देखती रही और बर्दाश्त करती रही. फिर कालू निढाल होकर अलग हो गया और कुछ ही देर में उसकी आंख लग गई.

अपने आप को संभालने के बाद हिना ने बच्चों की तरफ देखा. बच्चे नींद में थे. फिर हिना ने अपने आंखों से आंसू पोंछे और उस चाकू की तरफ देखा जो कुछ देर पहले कालू ने उसके गले पर अड़ा रखा था. ज़मीन पर पड़ा वो चाकू हिना ने उठाया और अपने भीतर हिम्मत को समेटकर कालू की तरफ गई. उसने कालू के गले में ज़ोर से चाकू घोंप दिया. कालू की नींद टूटी और वह छटपटाया लेकिन हिना ने दोनों हाथों से पूरी ताकत के साथ चाकू घोंपे रखा जब तक कालू मर नहीं गया. इस दौरान एक बच्चे की नींद खुली और वह डरा हुआ था. हिना ने उसे थपथपाकर चुप कराया और सुला दिया. कालू की लाश वहीं पड़ी हुई थी. हिना ने लाश के गले से चाकू निकाला. चाकू को अच्छी तरह धोया और चुन्नी में लपेटकर उसने चाकू को छुपाने के लिए इधर उधर देखा. अलमारी, मेज़ की दराज़, कबाड़ हर तरफ देखने के बाद उसकी नज़र वॉशिंग मशीन पर पड़ी. मशीन का पैनल खोलकर हिना ने चाकू को उसमें छुपा दिया. कुछ देर बाद हिना ने दहाड़ मारकर चीखना और रोना शुरू किया ताकि सब लोग इकट्ठे हो जाएं. लोग इकट्ठे हुए और फिर पुलिस को बुलाया गया. ये कहानी सामने आने के बाद पुलिस ने मैरिटल रेप की शिकार हिना के खिलाफ धारा 302 के तहत केस दर्ज कर लिया और कालू पहलवान हत्याकांड में कातिल का खुलासा होने का दावा किया.

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