हिन्दू उसे हिन्दू जान रहे थे जो असल में था जुरूल हक.. आखिर क्यों बनता था वो हिन्दू


सभी लोग उसे हिन्दू समझते थे तथा उसका बहुत सम्मान करते थे. दरअसल वो दावा करता था कि वह झाड़ फूंक करता है तथा बुरी आत्माओं से पीछा छुड़ाता है. इस कारण हिन्दू उसे भगत जी भी कहने लगे थे जबकि वह खुद को ईश्वर बताता था. लेकिन जुरुल हक़ की सिर्फ यही सच्चाई नहीं थी. जुरुल हक़ जब हिन्दुओं से मिलता था तो वह हिन्दू बनकर सामने आता था लेकिन जब भी वह मुस्लिमों से मिलता था तो वहां तो वह जुरुल हक़ ही था. झाड़ फूंक की आड़ में जुरुल हक़ के निशाने पर लडकियाँ रहती थी.

मामला पूर्वोत्तर के राज्य असम का है जहाँ एक महिला से रेप की कोशिश का मामला सामने आया है. घटना गुवाहाटी के पाथारक्वारी इलाके की है. नूनमाति पुलिस ने खुद को ईश्वर बताने वाले एक बाबा को इस मामले में गिरफ्तार किया है. उसकी पहचान जुरुल हक उर्फ रोंगा बाबा के रूप में हुई है. बताया गया है कि जुरुल हक बुरी आत्माओं से पीछा छुड़ाने और बीमारियों को ठीक करने का दावा करते हुए लोगों को अपने जाल में फंसाता था. ज्यादा से ज्याद लोग उसके पास आएं, इसके लिए वह लगातार अपने नाम बदलता था.

जुरुल हक मुसलमानों के बीच खुद को मुस्लिम मौलाना बताता था और हिंदू बहुल इलाकों में हिंदू बाबा बन जाता था. शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि कुछ दिन पहले हक ने बीमारी ठीक करने के बहाने पीडि़त के परिवार से अच्छे रिश्ते बना लिए. फिर एक दिन रोंगा बोबा ने कथित रूप से बीमारी ठीक करने के नाम पर महिला से बलात्कार की कोशिश की. पीड़िता ने विरोध किया तो वह भाग निकला. इसके बाद जब उसके बारे में जानकारी जुटाई गई तो सच सामने आया कि जिसे वह रोंगा बाबा समझते रहे वह हिन्दू नहीं बल्कि मुस्लिम है. फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।


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