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कभी रामपुर ही नहीं पूरे UP में कईयों को रुलाने वाले आजम का बेटा फूट – 2 कर रोया. फिर बोला – “इंशाअल्लाह”… और दी एक धमकी


अभी भी अगर पश्चिम उत्तर प्रदेश के कई जाटों के घरो में जा कर मिला जाय जो कभी मुज़फ्फरनगर दंगो में प्रभावित हुए थे वो एक नाम बार बार लेते हैं . उस नाम को कभी उत्तर प्रदेश की राजनीति का बादशाह कहा जाता था . वो अधिकारियो को अपने हिसाब से पोस्टिंग करवाता था और जब डांटता था तब SDM भी सर झुका कर सिर्फ खड़ा रहता था . उसके मुखिया द्वारा IG अमिताभ ठाकुर को मिली अंतहीन प्रताड़ना अभी भी सबको याद है लेकिन हर किसी में कला नहीं होती आंसू दिखाने की .

ध्यान देने योग्य है कि यहाँ बात चल रही है मुलायम सिंह और अखिलेश यादव के बीच लम्बे समय बाद सहमति का एक बिंदु बने आजम खान की . आजम खान का सर्मथन मुलायम सिंह और अखिलेश यादव ने मिल कर एक स्वर में किया है जबकि अक्सर इन पिता पुत्र में कई मामलों में विरोधाभास देखने को मिलता है . वो आजम खान जो कभी अंडरवियर का रंग बताते थे तो कभी भरी संसद में पीठासीन अध्यक्षा तक के खिलाफ अपनी अपमानित करने वाली भाषा बोलते हैं .

उनके बेटे को अब समय चक्र बदलने का इंतजार है और वो समय के पहिये की बात कर रहे हैं जो उनके हिसाब से फिर घूमेगा . यद्दपि वो अपनी ताकत आने पर अधिकारियो से जूते साफ करवाने की बात भी करते दिखाई दिए हैं .. अपने खिलाफ तमाम मामले सबूतों के साथ दर्ज होने के बाद अब उनके पास सफाई के लिए कुछ भी नहीं बचा तो उन्होंने अपनाया है राजनीति का एक अचूक पैंतरा और वो पैंतरा है विक्टिम कार्ड .. ये कार्ड आंसुओं की बौछार के बीच में खेला गया है .

आजम खान के ये वही बेटे अब्दुल्ला आजम हैं जो कभी जयाप्रदा को परोक्ष रूप से कहते सुनाई दिए थे कि रामपुर को अनारकली नहीं चाहिए . इसी बीच वो अपने कार्यकर्ताओं के साथ मीटिंग करते हुए फूट फूट कर रोने लगे लेकिन इन आंसुओं के बीच में भी उनके तेवर अपने अब्बा आजम से कम नहीं हुए . उन्होंने एक धमकी जारी करते हुए अपने कार्यकर्ताओं से कहा कि वह अपने अब्बा , अपनी मां और सहयोगी कार्यकर्ताओं के साथ हुए हर जुल्म का हिसाब जब तक जिंदा हैं, ज़रूर लेंगे. यद्दपि यहाँ ये ध्यान रखना होगा कि अब्दुल्ला कानूनी कार्यवाही को भी जुल्म समझ रहे हैं ..

सुदर्शन न्यूज से इन्टरव्यू में आजम खान द्वारा अपनी सम्पत्ति खरबों में बताने के बाद भी उनके बेटे अब्दुल्ला ने खुद को गरीब बताया और कहा कि “मेरी आंख आंसू में उसकी तक़रीफ के आंसू हैं जो आज अपने घरों में सो नही पा रहे हैं. तुम्हारे खिलाफ हर ज़ियाती का सूद सहित हिसाब लूंगा. न उम्मीद मत होना. मेरा कोई आंसू इसलिए नहीं कि मैं किसी चीज से डरता हूं.” अब्दुल्लाह ने धमकी भरे अंदाज में कहा कि इंशाअल्लाह जिस दिन ये पहिया पलटेगा, उस दिन नइंसाफी के हर सुलूक़ का जवाब देना होगा .  उन्होंने कहा कि हम उपचुनाव जीतेंगे और हिसाब सूद के साथ लेंगे. यद्दपि रामपुर का प्रशासन अभी उन तमाम आँखों से बहते आंसुओ को पोंछने में लगा हुआ है जो आजम खान के चलते कई सालों से बह रहे थे और अपनी जमीन तक गंवा कर सडक पर आने की कगार पर पहुच चुके थे..


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