मुहर्रम के दिन ही पुलिस की छावनी बन गया प्रतापगढ़ राजा भैया के पिता के एक एलान के बाद..

उस हवेली से निकलने वाला संदेश ही पूरे क्षेत्र के लिए एक अटल लकीर मानी जाती है . भले ही भारत में अब रजवाडो का अस्तित्व न के बराबर रह गया हो लेकिन अभी भी प्रतापगढ़ में उसको साफ साफ़ देखा जा सकता है जहाँ पर अदालत और पुलिस थानों से ज्यादा मामले हवेली पर जाते हैं और उन सबको संतोषजनक समाधान भी मिलता है . वहां न उनका समय व्यर्थ होता है और न ही पैसा .. वहां सबसे बड़ी बात ये है कि कोई सोर्स , सिफारिश या पैरवी भी नहीं चलती है .

उसी हवेली से मुहर्रम के दिन एक एलान हुआ था.. वो एलान रघुराज प्रताप सिंह राजा भैया के पिता का था जिन्होंने कहा कि वो भंडारा करने वाले हैं . भंडारा उस राह में होना था जिस राह से गुजरती है मुहर्रम की ताजिया.. फिर क्या था असहज हो उठे थे तमाम मुसलमान और उन्हें समझ में नहीं आ रहा था कि वो क्या करें.. जब इस मामले की जानकारी जिला प्रशासन को हुई तो वहां हलचल मच गई और देखते ही देखते पूरा क्षेत्र एक प्रकार से पुलिस की छावनी बन गया..

हर तरफ गूंजने लगे सायरन और धमक सुनाई देने लगी पुलिस के बूटों की.. पुलिस को देख कर मुस्लिम पक्ष में थोड़ी राहत दिखाई देने लगी . शायद ही जिले का कोई ऐसा वरिष्ठ अधिकारी वहां रहा हो जो मौके पर न दिखाई दे रहा था . आख़िरकार इस मामले में प्रतापगढ़ के उपजिलाधिकारी मोहनलाल ने बताया कि राजा भैया के पिता उदय प्रताप सिंह ने हर साल की तरह इस बार भी शेखपुर में ताजिये के जुलूस के रास्ते में भंडारे का कार्यक्रम रखा है.

प्रशासन ने शांति व्यवस्था बनाये रखने के लिए क्षेत्र में धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर भंडारे के आयोजन पर प्रतिबंध लगा दिया है. उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिला प्रशासन ने कुंडा के विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया के पिता उदय प्रताप सिंह को नजरबंद करने का आदेश दिया है. कुंडा पुलिस का कहना है कि इस मामले में अन्य 550 लोगों को भी शांति भंग नहीं करने की चेतावनी दी गई है. शांति व्यवस्था बनाये रखने के लिए क्षेत्र में धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है .

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