अपने ही विभाग की रीढ़ तोड़ कर अपराध काबू करने के सपने देख रहे थे सोनभद्र के SP सलमान ताज़.. शायद घोरावल के हत्यारे समझ गये थे उनके तौर तरीके

बहुत पहले ऐसा कुछ इतिहास की किताबों के हवाले से कहा जाता है कि पोरस सिकन्दर युद्ध में पोरस की हार इसलिए हुई क्योकि उसके खुद के हाथी उसकी ही फ़ौज को रौंदने लगे थे . उसके सैनिक समझ नहीं पा रहे थे कि वो किस से लड़ें , सामने से तीर भाले फेंक रहे दुश्मनों से या खुद को ही रौंदने पर आमादा अपने हाथियों से.. अगर उस एतिहासिक घटना की पुनरावृत्ति का एक अंश देखना है तो वो वर्तमान समय में उत्तर प्रदेश के सोनभद्र में देख सकता है जहाँ पोरस की भूमिका में पुलिस अधीक्षक सलमान ताज पाटिल हैं ..

ध्यान देने योग्य है कि सोनभद्र में एक पारिवारिक रंजिश में गोलियां चली हैं जिसमे लगभग 10 लोगों की मौत हो गई है और लगभग 25 लोग घायल हो गये हैं . सोनभद्र जिले के घोरावल कोतवाली क्षेत्र के मूर्तिया गांव में जमीन विवाद को लेकर दो पक्षों में खूनी संघर्ष हो गया। इस दौरान वारदात में 9 लोगों की मौत गई है और दर्जन भर से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हैं।

सबसे ख़ास बात ये है कि इन मृतकों में 3 महिलाएं और 6 पुरुष शामिल हैं। वहीं घायलों की संख्या दर्जन भर से अधिक है जिनका इलाज अस्पताल में किया जा रहा है.. ये विषय सीधे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और DGP ओ पी सिंह द्वारा मोनिटर किया जा रहा है जहाँ लखनऊ से अधिकारियो को हर दिशा निर्देश दिए जा रहे हैं . मौके पर पुलिस अधीक्षक और जिलाधिकारी दोनों पहुच चुके हैं और दोषियों को पकड़ने आदि की कार्यवाही वृहद स्तर पर शुरू हो चुकी है ..

लेकिन यहाँ सवाल उठता है कि इतना बड़ा नरसंहार करने वाले के मन में क्या पुलिस का जरा सा भी खौफ नहीं रहा. आखिर हिम्मत कैसे हो गई इतने बड़े स्तर पर गोलियां बरसाने की और लाशें बिछाने की . सोनभद्र नक्सल प्रभावित क्षेत्र रहा है जहाँ पुलिस वालों ने अथक प्रयास कर के उन नक्सलियों को काबू किया था पर जितने बड़े पैमाने पर नक्सली कभी नरसंहार में सफल नहीं हुए उस पैमाने पर दो पक्षों में गोलियां चली और उनकी गूँज दिल्ली तक सुनाई दी .

निश्चित तौर पर अब मीडिया में सुर्खियाँ बनेगी कि पुलिस की लापरवाही . या पुलिस ने नहीं दिखाई संवेदनशीलता .. सम्भव है कि जल्द ही स्थानीय थानेदार पर कार्यवाही कर के वही बहादुरी दिखाई जाय जो अभी 3 दिन पहले 2 सिपाहियों के खिलाफ दिखाई गई थी और खुद का पल्ला फिर से झाड़ा जाय .. कार्यवाही मांगने और करने वाले ये वही लोग होंगे जो अभी मात्र 3 दिन पहले आधी रात को अपनी ड्यूटी पर मुस्तैद 2 सिपाहियों के लिए कड़ी से कड़ी सजा की मांग कर रहे थे .

अपने ही विभाग और अपने ही अधीक्षक की कार्यवाही का पात्र बने वो जांबाज़ पुलिस वाले बिना पलक झपकाए एक संदिग्ध का आधे घंटे तक पीछा करते हैं और लगातार रुकने की चेतावनी देते हैं . लेकिन वो संदिग्ध भागता चला जाता है और मजबूरन उसको रोकने के लिए उन्हें सुरक्षित स्थान पर फायर करना पड़ता है .. संदिग्ध पकड़ा जाता है और बाद में वही पुलिस वाले उसका इलाज़ करवाते हैं . ऐसा ही कोई संदिग्ध अपने साथ वो हथियार भी ले जा सकता था जो आज के नरसंहार में प्रयोग होता ..

लेकिन अचानक ही दबाव बनाया जाने लगा कर्तव्यनिष्ठ और जांबाज़ सिपाहियों को जेल भेजने का और उस दबाव को ज्यादा देर अपने ऊपर न लेते हुए सोनभद्र के पुलिस अधीक्षक महोदय ने दोनों सिपाहियों पर धारा 307 के तहत मुकदमा दर्ज करवा कर विवेचना शुरू कर दी.. बाकायदा सोनभद्र पुलिस के ट्विटर हैण्डल से ट्विट भी इसकी पुष्टि करने लगे जैसे कि उन्होंने कोई बहुत बड़ा बहादुरी का काम कर दिया अपने ही सिपाहियों को मुलजिम बना कर ..

ये खबर पूरे जिले ही नहीं बल्कि आस पास के जिलो में भी आग की तरह फ़ैल गई और सबने सोनभद्र पुलिस की कमान सम्भाल रहे SP सोनभद्र की कार्यशैली को अच्छे से जान और समझ लिया .. वो जान गये कि सोनभद्र की पुलिस में कौन कितना वजनदार है और कौन कितना खोखला .. ज्यादा बहादुरी दिखाने की शौक रखने वाले पुलिसकर्मीयो ने भी ये जान लिया कि फ़िलहाल सोनभद्र में बहादुरी वर्जित है और आज नरसंहार करने वाले शायद ऐसे ही मौके की तलाश में थे .

थके कंधे और टूटे मनोबल के साथ खुद की जैसे तैसे नौकरी और जेल यात्रा बचा रही सोनभद्र पुलिस आख़िरकार बैकफुट पर थी और इसी मौके का दुरूपयोग किया भारी हथियार जमा किये अपराधियों ने.. निश्चित तौर पर अगर किसी पुलिस वाले के पास 2 रास्ते बचे हो जिसमे पहला निष्क्रियता के चलते निलंबन और दूसरा सक्रियता के चलते जेल यात्रा हो तो कोई भी निष्क्रिय रह कर निलंबन पसंद करेगा बजाय कि अत्यधिक सक्रियता के चलते जेल जाने से ..

घोरावल कोतवाली के मूर्तिया गाँव में जो कुछ भी हुआ उसकी जिम्मेदारी से निश्चित तौर पर पुलिस में रह कर पुलिस का मनोबल तोड़ने वाले भाग नहीं सकते हैं भले ही वो किसी भी पद पर क्यों न बैठे हों .. निश्चित तौर पर एक निष्पक्ष शासक इस नरसंहार की असली वजह और असली जड़ तक जाएगा और तदनुसार वो अपनी वृहद कार्यवाही करेगा.

 

रिपोर्ट – 

राहुल पाण्डेय 

सहायक सम्पादक – सुदर्शन न्यूज 

मुख्यालय – नोएडा 

मोबाईल – 9598805228

 

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