नईम की क्लीनिक में काम करता था रफीक.. वहां कई हिंदू महिलाएं भी जातीं थीं.. रफीक एक्सरे से पहले रखता था एक शर्त

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर से एक रौंगटे खड़े कर देने वाला मामला सामने आया है जहाँ एक क्लिनिक में एक्सरे कराने के गई महिला के साथ क्लिनिक कर्मचारी रफीक ने छेड़खानी तथा उसकी आबरू उतारने का प्रयास किया. पीड़ित महिला का कहना है कि कि चेस्ट का एक्सरे करने के बहाने टेक्नीशियन रफीक ने साड़ी उतारने को कहा और गलत हरकत की. इसके बाद महिला शोर मचाते हुए बाहर आ गई और पुलिस को घटना की जानकारी दी. पुलिस ने आरोपी रफीक के खिलाफ छेड़खानी, एससीएसटी एक्ट के तहत केस दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया है.

खबर के मुताबिक़, उत्तर प्रदेश के ही देवरिया की एक दलित महिला मंगलवार को पटना चौराहे पर स्थित हसन मेमोरियल पाली क्लीनिक में इलाज कराने आई थी. डॉक्टर ने महिला से खून की जांच और एक्सरे कराने को कहा. महिला का कहना है कि इसके बाद उसे एक्सरे रूम ले जाया गया. महिला का आरोप है कि एक्सरे रूप में जाने पर टेक्नीशियन रफीक ने उससे पूरा कपड़ा उतारने के लिए कहा. महिला के मना करने पर आरोपी रफीक ने कहा कि यहां ऐसे ही एक्सरे होता है तथा फिर रफीक ने छेड़खानी भी की. रफीक की छेड़खानी पर महिला ने बाहर निकल कर शोर मचाना शुरू कर दिया तथा पुलिस को भी फोन कर दिया.

जानकारी मिलते ही पुलिस तत्काल मौके पर पहुँची तथा आरोपी टेक्नीशियन बड़हलगंज के लालगंज मुहल्ला निवासी रफीक अंसारी को गिरफ्तार कर लिया है. चूँकि एक्सरे में कपड़े उतारने की जरूरत नहीं होती इस वजह से अस्पताल प्रशासन ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपी को अस्पताल से हटा दिया. क्लीनिक के चिकित्सक डॉ. नईम ने बताया कि एक साल से आरोपी काम कर रहा था. पहले कभी शिकायत नहीं आई थी. तो वहीं कुछ लोगों का ये भी कहना है कि रफीक नईम का ख़ास आदमी है तथा संभव है कि नईम की मिलीभगत से रफीक ने ऐसा किया हो.

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