किसके लिए काटी गई थी दर्जनों गायें? यही पूंछने के लिए जमा हुए थे गोभक्त लेकिन अचानक मच गया हंगामा और चलने लगी गोलियां

उत्तर प्रदेश का बुलंदशहर आज सुबह से ही हिंसा की आग में झुलस रहा है. बुलंदशहर की शांत फिजा में जहाँ एकतरफ जहाँ पवित्र शिवमंदिर में मुस्लिम लोगों को नमाज पढ़वाई गई थी तथा सांप्रदायिक सद्भाव की जीवंत मिशाल पेश की गई थी तो वहीं दूसरी तरफ असामाजिक तत्वों ने, उन्मादियों ने दर्जनों की संख्या में गोवंशों को काटा, जिसके बाद हिन्दू संगठनों ने विरोध प्रदर्शन किया तथा  शांत बुलंदशहर सुलग उठा. इस हिंसा में गोभक्त सुमित तथा बुलंदशहर पुलिस के इंस्पेक्टर सुबोध कुमार की जान चली गई.

यहाँ सवाल खड़ा होता है कि आखिर वो कौन लोग थे, जिन्होंने गायों को काटा और ये स्थिति पैदा हुई? ये गायें भी उस समय काटीं गईं जब बुलंदशहर में तब्लीगी इज्तिमा का आयोजन किया जा रहा था. स्थानीय लोगों का कहना है कि गाय काटकर उनका मांस तब्लीगी जमात में आये हुए लोगों को परोसा गया. जब हिन्दू संगठनों के लोगों को इस बात की सूचना मिली कि बुलंदशहर के स्याना में बड़ी संख्या में गाय काटी गई है तो वह आक्रोशित हो उठे.

गोभक्त हिन्दू संगठनों के लोग यही पूंछने के लिए जमा हुए थे कि आखिर इतनी बड़ी संख्या में गाय क्यों काटी गई थी? इसी बीच तब्लीगी जमात से वापस लौट रहे लोगों से गोभक्तों की भिड़त की बात भी सामने आई. इसके बाद अचानक से हंगामा मच गया तथा गोलियां चलने लगी. इसी गोलीबारी में गोभक्त sumit की जान चली गयी भीड़ के हमले में इसंपेक्टर सुबोध कुमार गंभीर रूप से घायल हो गये, जिनकी बाद में मौत हो गई. फिलहाल मामले की जांच के लिए SIT का गठन कर दिया गया है तथा क्षेत्र में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात है.

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