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ममता राज में भाजपा नेताओं की गिरफ्तारी की प्रशंसा करती थी कांग्रेस.. शायद उन्हें नहीं पता था कि समय ऐसे बदलेगा


मुख्यमंत्री ममता बनर्जी शासित पश्चिम बंगाल के हालात कैसे हैं, ये पूरा देश जानता है. बंगाल में आये दिन बीजेपी नेताओं/कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया जाता रहा है, उनकी राजनैतिक हत्याएं की जाती रही हैं. स्वयं को लोकतंत्र का प्रहरी बताने वालीं ममता दीदी के शासन में विरोधी आवाजों को दबाने की खबरें लंबे समय से आती रही हैं. आश्चर्य की बात तो ये है कि जब राज्य में बीजेपी नेताओं को गिरफ्तार किया गया तो उस पर या तो कांग्रेस ने मौन साध लिया या फिर तृणमूल सरकार की प्रशंसा की.

लेकिन ऐसा करते समय शायद कांग्रेस को पता नहीं था कि समय बदलेगा तथा वह भी इसी शिकंजे में फंसेंगे. खबर के मुताबिक़, पश्चिम बंगाल पुलिस ने राज्य कांग्रेस के प्रवक्ता सन्मय बनर्जी को साइबर क्राइम से जुड़ी एक शिकायत पर गिरफ्तार किया है. उनके खिलाफ पुरुलिया जिले में शिकायत दर्ज कराई गई थी. पूर्व पत्रकार बनर्जी सोशल मीडिया पर ममता बनर्जी सरकार की तीखी आलोचना के लिए जाने जाते हैं. बनर्जी को 24 उत्तर परगना जिले के अगरपारा में उनके आवास के पास से पिछले गुरूवार को उठाया गया था.

बता दें कि सन्मय बनर्जी पनिहाटी म्युनिसिपलिटी में चार बार कॉरपोटर रह चुके हैं और ‘Banglar Barta’ नाम से एक यूट्यूब चैनल चलाते हैं. यह चैनल जून में शुरू किया गया था और पांच महीने में इसके 82,900 सब्सक्राइबर हो चुके हैं. बनर्जी टीवी पर भी चर्चित चेहरा हैं. अपने यूट्यूब वीडियोज में ममता बनर्जी और उनके भतीजे सांसद अभिषेक बनर्जी की भ्रष्टाचार के मामलों पर तीखी आलोचना के चलते हाल में काफी चर्चित हुए हैं.

संसद में विपक्ष के नेता अधीर रंजन चौधरी ने ​इस गिरफ्तारी को ममता बनर्जी की आलोचना के चलते राजनीतिक और बदले की भावना से की गई कार्रवाई बताया. उन्होंने कहा, ‘दीदी, इस तरह के हमले हमारे संकल्प को कमजोर नहीं कर पाएंगे. मैं इस शर्मनाक राजनीतिक कार्रवाई की निंदा करता हूं. मैं बंगाल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं से अपील करता हूं कि वे सड़कों पर उतर कर सन्मय बाबू के अपहरण के खिलाफ प्रदर्शन करें.

वहीं सन्मय बनर्जी के भाई तन्मय बनर्जी ने शुक्रवार को कहा कि पुलिस ने हमारी शिकायत लिखने से ​इनकार कर दिया. हमारे भाई को जिस दिन उठाया गया, उस दिन पुरुलिया के पुलिस थाने में नहीं रखा गया. हमें पता नहीं है कि वे कहां हैं. पुलिस को पार्टी कैडर के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है. वे असहमति की हर आवाज को दबाना चाहते हैं. बता दें कि सितंबर में एक सोशल मीडिया पोस्ट में सन्मय बनर्जी ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर आरोप लगाया था कि वे उनकी आवाज दबाने के लिए पुलिस का इस्तेमाल कर रही है.

उन्होंने अपनी पोस्ट में कहा था कि आप मेरी रीढ़ खरीदना चाहती हैं. मैं अपने आप को नहीं बेचूंगा. आपकी सारी धमकियों के बावजूद मेरी कलम खामोश नहीं होगी. इसके बाद कांग्रेस प्रवक्ता के खिलाफ पुरुलिया के साइबर क्राइम सेल में एक स्थानीय तृणमूल नेता ने शिकायत दर्ज कराई थी. इसके पहले बनर्जी के खिलाफ आईटी एक्ट के तहत एक और केस मिदनापुर में दर्ज कराया गया था, जिसके लिए उनको एक नोटिस भी भेजा गया था.


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