कब्रिस्तान में लाशों के बजाय छिपा कर रखा गया था कुछ और.. मिला वो जो बजाएगा खतरे की घंटी आपके दिमाग में


कब्रिस्तान में मृतक व्यक्ति के शव को दफनाया जाता है लेकिन इस कब्रिस्तान में ऐसा नहीं था. इस कब्रिस्तान में बनी हुई कब्र में मौत के सामान को छिपाकर रखा हुआ था. मामला उत्तर प्रदेश के मेरठ के परीक्षितगढ़ थाना क्षेत्र में खजूरी गांव का है जहाँ के कब्रिस्तान में पुलिस ने छापेमारी की. स छापेमारी में पुलिस को जो-जो मिला, उसे देख पुलिस के भी होश उड़ गए. छापेमारी में पुलिस को एक फर्जी कब्र मिली है, जिसमें काफी बड़ी मात्रा में तमंचे मिले है.

पुलिस को इस दौरान पता चला है कि न तमंचों की सप्लाई ऑन डिमांड होती है. जिन्हे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर, शामली, गाजियाबाद जैसे जिलों में सप्लाई की जाती है. पुलिस ने ये छापेमारी लगभग 10 दिन पहले की. एसपी देहात अविनाश पांडेय ने शनिवार को प्रेसवार्ता में बताया कि कई दिनों से सूचना मिल रही थी कि खजूरी गांव के कब्रिस्तान में रात को संदिग्ध लोगों की आवाजाही रहती है.  पड़ताल के बाद शुक्रवार रात सीओ सदर देहात अखिलेश भदौरिया और एसओ परीक्षितगढ़ कैलाशचंद ने कब्रिस्तान में छापा मारकर जांच की जो सामने आया कि कब्रिस्तान में ही तमंचे बनाए जा रहे थे.

इस दौरान पुलिस ने भूरा पुत्र खुर्शीद निवासी खजूरी और हारून पुत्र मुंशी निवासी अहमदनगर बढ़ला थाना परीक्षितगढ़ को गिरफ्तार कर लिया. एसपी देहात के अनुसार कब्रिस्तान में तमंचे बनाने का पूरा सेटअप लगा मिला. पूरी फैक्टरी एक फर्जी कब्र के आसपास ही संचालित हो रही थी. इस फर्जी कब्र के पास पंखा भट्ठी लगी थी. मौके से तमंचे बनाने के उपकरणों में नाल, ट्रिगर, 45 पिन आदि सामान बरामद किया गया. फर्जी कब्र की तलाशी ली गई तो उसमें 13 तैयार तमंचे, एक बंदूक और 50 अधबने तमंचे मिले. आरोपियों ने बताया कि वे तमंचे बनाने के बाद सारा सामान फर्जी कब्र में पॉलीथिन में पैक करके रख देते थे और ऊपर से मिट्टी कर देते थे, ताकि किसी को शक न हो.


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