असम का एक गोगोई परिवार जो बना देना चाहता है असम को एक इस्लामिक स्टेट… उग्र हुए हिन्दू संगठन

NRC के बाद अब असम में नागरिकता संशोधन बिल 2016 को जबर्दस्त हंगामा मचा हुआ है. बिल के विरोध में 23 अक्टूबर को 12 घंटे का राज्यव्यापी बंद बुलाया गया था. इस बंद का 60 से ज्यादा संगठनों ने समर्थन किया था.  इस बिल के तहत अफगानिस्तान, बांग्लादेश, पाकिस्तान से आये हुए गैर मुस्लिमों को अवैध नागरिक नहीं जाएगा. इस बिल के विरोध में असम के तथाकथित सेक्यूलर लोग प्रदर्शन कर रहे हैं जबकि हिन्दू संगठन बिल का समर्थन कर रहे हैं.

असम के रेल राज्यमंत्री राजेन गोहेन ने बिल का विरोध करने वालों को आड़े हाथों लिया है. गोहेन ने कहा कि जो लोग नागरिकता संशोधन विधेयक का विरोध कर रहे हैं वे असम को इस्लामिक स्टेट बनाना चाहते हैं. गोहेन ने कहा, शिलादित्य देब हमेशा बिल को लागू करने के समर्थन में मुखर रहे हैं और मैं इस पर उनका समर्थन करता हूं. नागरिकता संशोधन बिल से पड़ोसी देशों के अल्पसंख्यक हिंदुओं को न्याय मिलेगा, जो भारत में रहना चाहते हैं, खासतौर पर बांग्लादेश से आए हिंदू. बता दें कि इससे पहले भाजपा विधायक शिलादित्य देब ने बिल का विरोध करने वाले कृषक मुक्ति संग्राम समिति के नेता अखिल गोगोई पर हमला बोलते हुए कहा था कि अखिल गोगोई चाहता है कि असम इस्लामिक स्टेट बन जाए. उन्होंने कहा था कि ये गोगोई परिवार असम को इस्लामिक स्टेट बनाना चाहता है.

आपको बता दें कि अखिल गोगोई समाजसेवी अन्ना हजारे का सहयोगी रह चुका है. देब ने कहा, वह (गोगोई) चाहता है कि असम एक और इस्लामिक स्टेट बन जाए. वह मुस्लिम बांग्लादेशियों के खिलाफ अपनी आवाज क्यों नहीं उठाता? 23 अक्टूबर को पूरे राज्य को 12 घंटे के लिए रोक दिया गया लेकिन काजिरंगा में उसका जो बिजनेस सेट अप है वह चलता रहा. मुस्लिम बांग्लादेशियों से उसे जो पैसा मिला उससे गोगोई ने प्रोटेस्ट रैलियां व कार्यक्रम किए.

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