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मंदिर की सफाई तक रास नहीं आयी मजहबी उन्मादियों को… भयानक पथराव माँ चामुंडा देवी के मंदिर पर

वो कहते थे कि हिंदुस्तान एक धर्मनिरपेक्ष मुल्क है जहाँ सभी धर्म-सम्प्रदाय के लोगों को अपने तरीके से जीने का अधिकार है. उनके बीच से ये भी आवाजें आती थी कि वह अमन, शान्ति तथा मोहब्बत को मानने लोग हैं , प्यार-सौहार्द्र बांटने वाले लोग हैं. लेकिन उनकी हकीकत क्या थी ये उस समय सामने आयी जब उन्होंने माँ चामुंडा के मंदिर पर इसलिए भयंकर हमला कर दिया क्योंकि हिन्दू समाज के लोग मंदिर की सफाई करने आये थे, जो मजहबी उन्मादियों को रास नहीं आया. प्यार, मोहब्बत तथा धर्मनिपेक्षता की बात करने वालों ने मन्दिर की सफाई कर रहे लोगों पर हमला कर दिया तथा मंदिर में तोड़फोड़ कर दी.

मामला उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद का है.  बताया गया है कि मुरादाबाद में भोजपुर के चकबेगमपुर गांव में जागरण के लिए मंदिर की सफाई करने पर अलग अलग समुदाय के दो पक्षों के बीच विवाद हो गया. आरोप है कि मुस्लिम समुदाय के लोगों ने हिन्दू समुदाय के लोगों को मंदिर में साफ़ सफाई करने से रोका क्योंकि वह देवी जागरण के खिलाफ थे. हिन्दू समुदाय के लोगों ने उनके बात नजरअंदाज की तथा मंदिर की सफाई में लगे रहे तो उन्मादियों ने हमला कर दिया तथा मंदिर में घुसकर तोड़फोड़ की. देखते ही देखते सांप्रदायिक तनाव की स्थिति पैदा हो गयी. करीब 20-22 लोग पत्थरबाजी में जख्मी हो गए. पुलिस ने 30 नामजद सहित 50 के खिलाफ संगीन धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली तथा पांच को गिरफ्तार कर लिया.  तनाव को देखते हुए गांव में पुलिस बल तैनात करना पड़ा.

एसएचओ भोजपुर अजयवीर सिंह ने बताया कि चकबेगमपुर स्थित चामूंडा मंदिर पर 10 अक्टूबर को जागरण होना प्रस्तावित है. इस वजह से कुछ लोग मंदिर की सफाई करने के लिए गए थे. इस दौरान वहां पर कुछ लोग आ गए और सफाई करने से रोक दिया. वह जागरण कराए जाने के विरोध में थे. इस दौरान धार्मिक स्थल में तोड़फोड़ की गई.  विवाद बढ़ा तो दोनों ओर से पथराव और फायरिंग की गई तथा धार्मिक भावनाएं आहत करने के लिए अपशब्द कहे गए. सूचना पर पहुंची पुलिस के सामने भी वहां पर करीब आधे घंटे तक बवाल होता रहा. पुलिस  ने मौके से पांच आरोपी आलम, नफीस, सद्दीक हुसैन, नन्हे और पप्पू को गिरफ्तार कर लिया तथा अन्य आरोपी भाग गए. आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 147, 148, 149, 153ए, 295, 307, 323, 504, 506 व 7 दंड विधि अधिनियम 2013 की धारा 7 के तहत मामला दर्ज किया गया था.

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