विधानसभा चुनाव: एक और राज्य जहाँ भाजपा ने एक भी मुस्लिम उम्मीदवार को नहीं दिया टिकट

राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना में विधानसभा चुनावों को लेकर राजनैतिक दलों में जोर आजमाइश जारी है तथा हर पार्टी धुआंधार प्रचार कर रही हैं. छत्तीसगढ़, राजस्थान तथा मध्य प्रदेश में जहाँ भाजपा सत्ता में हैं, इसलिए भाजपा के सामने अपने गढ़ बचाने की बड़ी चुनौती है. भाजपा अपने गढ़ को बचाने के लिए वो तमाम प्रयास कर रही है जो उससे सफलता दिला सकते हैं. 2017 में उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी ने एक भी मुस्लिम उम्मीदवार को टिकट नहीं दिया था तथा वहां भाजपा को भारी बहुमत हासिल हुआ था, अब ऐसा ही कुछ भाजपा ने एक बार पुनः करती हुई नजर आ रही है.

राजस्थान चुनाव को भारतीय जनता पार्टी ने उम्मीदवारों की दो लिस्ट जारी कर दी है. दोनों ही लिस्ट की खास बात यह है कि इनमे एक भी मुस्लिम चेहरे को जगह नहीं मिली है, जिसकी वजह से यह मुद्दा काफी अहम बना हुआ है. पार्टी के दो अहम मुस्लिम चेहरों की बात करें तो वसुंधरा राजे के करीबी माने जाने वाले युनुस खान को पहले की दो लिस्ट में जगह नहीं दी गई है और उनके नाम पर अभी तक सस्पेंस बना हुआ है. अभी तक यह साफ नहीं हो सका है कि उन्हें पार्टी टिकट देगी या नहीं.

इसके अलावा भाजपा के दूसरे बड़े नेता और पांच बार के विधायक हबीबुर्रहमान को पार्टी ने टिकट नहीं दिया था, जिससे नाराज हबीबुर्रहमान ने कांग्रेस का दामन थाम लिया है। जिस तरह से भाजपा ने एक भी मुस्लिम चेहरे को लिस्ट में जगह नहीं दी है उसके बाद एक बार फिर से कयास लगाए जा रहे हैं कि पार्टी हार्डकोर हिंदुत्व के एजेंडे पर चल रही है तथा संभव है कि मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के ख़ास युनुस खान को टिकट न मिले.

Share This Post