Breaking News:

कत्लखाने बंद हुए तो घर को ही बना डाला खून और मांस के कारोबार का अड्डा.. गाय काटने की ऐसी जिद क्यों ?

वो कहते हैं कि वह गंगा-जमुनी तहजीब को मानने वाले लोग हैं, हिन्दू मुस्लिम एकता के पैरोकार हैं लेकिन इसके बाद भी वह हिन्दू आस्थाओं को कुचलने का कोई मौक़ा नहीं छोड़ते. वो ये जानते हैं कि गाय हिन्दुओं की आस्था है तथा गाय को काटना अपराध है लेकिन इसके बाद भी इनको गाय काटने की जिद लगी रहती है, आखिर क्यों? आखिर ये कौन सी जिद है और क्यों है जो जो कत्लखाने बंद होने के बाद भी गाय काटने से बाज नहीं आती. कत्लखाने बंद हुए तो ये सोच अपने घर को ही कत्लखाना बना गाय काटने लगती है, आखिर क्यों?

इसी जिहादी उन्मादी जिद का नजारा उत्तर प्रदेश के कैराना में देखने को मिला जहाँ के ग्राम मंडावर में घर के अंदर प्रतिबंधित गोवंश कटान की सूचना पर पुलिस ने छापेमारी की. जहां से एक कुंतल गोमांस व वध करने के उपकरण बरामद हुए. मौके से दो सगे भाइयों सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि दो फरार हो गए. पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर पकड़े गए आरोपियों को जेल भेज दिया. खबर के मुताबिक़, शनिवार सुबह 11:30 बजे कोतवाली पुलिस को सूचना मिली कि क्षेत्र के ग्राम मंडावर में रिजवान के घर के अंदर प्रतिबंधित गोवंश का कटान किया जा रहा है. सूचना पर तुरंत पुलिस ने गांव में पहुंचकर मकान पर छापेमारी की. इस दौरान आरोपी वहां से फरार होने लगे, जिनमें पुलिस ने मकान मालिक सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया, जबकि दो मौके से फरार हो गए.

पुलिस के अनुसार, घर के अंदर से एक कुंतल गोमांस, एक गायं की खाल, अवशेष, दो छूरी, एक कुल्हाड़ी, एक लकड़ी का गुटका आदि बरामद हुआ. पकड़े गए आरोपियों ने पूछताछ में अपने नाम रिजवान व फुरकान पुत्रगण मूदा तथा कुर्बान पुत्र मतलूब निवासीगण मंडावर बताए. आरोपियों ने अपने फरार साथियों के नाम दिलशाद उर्फ कोटा व आशु उजागर किए. बाद में पुलिस ने पशु चिकित्सक से बरामदशुदा मांस का पशु चिकित्सक से परीक्षण कराने के उपरांत उसे गड्ढे में दबवा दिया. पुलिस ने पकड़े गए आरोपियों को जेल भेजने के साथ ही फरार आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है.

Share This Post