हिंदू नेता कमलेश तिवारी के घायल हत्यारे का इलाज वहां हुआ था, जहाँ कई हिंदू जाया करते हैं इबादत करने


ये वो जगह है जहाँ मुस्लिम ही नहीं बल्कि हिन्दू भी इबादत करने जाया करते हैं. इसके अलावा तमाम बड़े राजनेता भी वहां नतमस्तक होते हैं तथा यहां से सेक्यूलरिज्म का सन्देश देते हैं. लेकिन यहां का सेक्यूलरिज्म क्या है, ये उस समय सामने आया जब वहां पर हिन्दू समाज पार्टी के अध्यक्ष कमलेश तिवारी के घायल हत्यारे का इलाज कराया गया. हम बात कर रहे हैं बरेली के आला हजरत दरगाह की जहाँ के मौलाना सैय्यद कैफ़ी अली को कमलेश तिवारी की ह्त्या के आरोप में गिरफ्तार किया गया है.

आपको बता दें कि आला हजरत के मौलाना सैयद कैफ़ी अली ने कमलेश तिवारी की हत्या कर भागे अशफाक और मोइनुद्दीन को बरेली में शरण दी थी. इसके बाद मौलाना को सोमवार को गिरफ्तार किया गया था. मौलाना से पूछताछ में कई खुलासे हुए हैं. एसआईटी सूत्रों का दावा है कि कैफी अली ने ही घायल हत्यारे की बरेली में मरहम-पट्टी करायी थी. एसआईटी ने बरेली के कैफी अली से करीब तीन घंटे तक लगातार पूछताछ की। इस दौरान उनके सामने उनके मोबाइल की कॉल डिटेल भी रखी गई. इन नंबरों में आठ नंबर संदिग्ध लग रहे थे.

इन नंबरों पर भी एसआईटी ने बातचीत की. इनमें दो नंबर लगातार स्विच ऑफ मिलते रहे. एसआईटी ने बताया कि बरेली में डॉक्टर से इलाज की बात पहले ही सामने आ गई थी. बरेली में हत्यारों के छिपे रहने की पुष्टि होते ही एसआईटी बरेली में भी सक्रिय हो गई थी. इसी बीच नागपुर में भी एक मददगार आसिम अली पकड़ लिया गया, इसके बाद ही बरेली पुलिस को कुछ और जानकारियां मिली जिसके आधार पर वह मौलाना तक पहुंच गई.

लखनऊ के में कमलेश तिवारी की हत्या करने के बाद हत्यारों ने होटल खालसा इन में कपड़े बदले, फिर रेलवे स्टेशन पहुंचे. यहां से दोनों लोग बरेली पहुंचे. बरेली में सबसे पहले वह मौलाना के पास ही पहुंचे थे. पुलिस का दावा है कि इन मौलाना ने ही उन्हें शरण दी, फिर ट्रेन से ही मुरादाबाद भेज दिया. मुरादाबाद स्टेशन पहुंचने से पहले ही ये लोग उतर गए थे. इन्हें भनक लग चुकी थी कि मुरादाबाद में ट्रेन की चेकिंग की जायेगी.


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