पुजारी ने मंदिर की घंटी बजाई तो भड़क उठे मजहबी उन्मादी.. संतों के कत्लेआम की श्रंखला यूपी से तेलंगाना तक पहुंची

उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ से शुरू हुआ हिन्दू साधुओं तथा मंदिर के पुजारियों के क़त्ल का सिलसिला अब तेलंगाना पहुँच गया है. खबर के मुताबिक़, मजहबी उन्मादियों ने वारंगल के शिवसाईं मंदिर के पुजारी पर प्राणघातक हमला किया जिसके बाद अस्पताल में उनकी मौत हो गई. पुजारी की ह्त्या के बाद तेलंगाना में हिन्दू संगठनों ने प्रदर्शन किया तथा पुजारी के हत्यारों को गिरफ्तार कर सजा देने की मांग की. फिलहाल पुलिस किसी भी उन्मादी को गिरफ्तार नहीं कर पाई है.

बताया गया है कि पुजारी की ह्त्या मंदिर में घटनी बजाने को लेकर की गई है. बता दें कि तेलंगाना के वारंगल के शिवसाईं मंदिर में सत्यनारायण पुजारी थे तथा नियमित पूजा पाठ किया करते थे. बताया गया है कि एक काजी ने मंदिर में घंटी बजाने का विरोध किया तथा कहा कि मंदिर की घंटी से उसको परेशानी होती है. काजी ने पुजारी से कहा कि जब मंदिर की घंटी बजती है तो इससे मुस्लिम समाज के लोगों को परेशानी होती है, इसलिए मंदिर में घंटी न बजाई जाए. इसके बाद काजी तथा उसके साथी पुजारी को धमका कर चले गये.

26 अक्टूबर को पूजा के समय पुजारी ने मंदिर में घंटा बजाया तो कुछ मजहबी उन्मादी आये तथा पुजारी पर भीषण हमला कर दिया. उन्मादियों के हमले में पुजारी गंभीर रूप से घायल हो गए. घायल अवस्था में पुजारी को स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया. स्थिति में सुधार न होते देख पुजारी को हैदराबाद निम्स अस्पताल ले जाया गया जहाँ आज सुबह उनका निधन हो गया. पुजारी पर हमले के 7 दिन बाद भी पुलिस अभी तक हत्यारोपियों को गिरफ्तार नहीं कर पाई है. हिन्दू संगठनों का आरोप में पुलिस कट्टरपंथियों के दवाब में काम कर रही है.

 

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