बकरीद में गर्दन पर न चले छुरी इसलिए वो अभी से खरीद रहा है सारी भेड़ और बकरियां.. जानिये कौन है ये ?

बकरीद के मौके पर निरीह जानवरों की गर्दन पर छुरी न चले, इसके लिए एक एनिमल राइट एक्टिविस्ट समूह ने एक अनोखा तरीका निकाला है. मामला गुजरात के वडोदरा का है जहाँ एक संगठन ने ‘बकरीद पर जानवरों को कटने से बचाने के लिए’ बकरियां और भेड़ें खरीदना शुरू किया है. ‘सर्वधर्म जीवदया समिति’ नाम का ये समूह इससे पहले बकरियों और भेड़ों के मिडल ईस्‍ट को एक्‍सपोर्ट पर रोक लगाने का अभियान चला चुका है.

खबर के मुताबिक़, वड़ोदरा में दो एनिमल शेल्‍टर चलाने वाले श्री वडोदरा पंजरापोले के सचिव राजीव शााह ने एक अखबार से बातचीत में  कहा, “हम किसी धर्म के खिलाफ नहीं हैं, न ही ये अभियान किसी धर्म के खिलाफ है. हम पशु अधिकारी को लेकर जागरूकता बढ़ाना चाहते हैं. हम पशु प्रेमी हैं जो बेजुबान जानवरों के साथ हो रहे अमानवीय बर्ताव से दुखी हैं.” शाह ने आगे बताया कि उनके समूह ने सूरत की मंडी से जून में ईद के समय से ही काफी भेड़ें-बकरियां खरीदी हैं. इसके अलावा भी उनका संगठन  बड़ी संख्या में भेड़ बकरियां खरीद चुका है. साथ ही वे और जगहों से भी खरीदारी की योजना बना रहे हैं.

शाह ने कहा कि ईद उल फितर से पहले ही हमने करीब डेढ़ लाख रुपये में 94 बकरियां खरीदी थी तथा तभी तय किया था कि बकरीद जैसे-जैसे करीब आएगी, एक बकरी 15-20 हजार की पड़ेगी लेकिन जितना संभव होगा हम खरीदेंगे.” इस समूह ने पिछले महीने मध्‍य-पूर्व के देशों में बकरियों के एक्‍सपोर्ट पर प्रतिबंध लगाने की मांग की थी. शाह के मुताबिक, इस समूह में अधिकतर जैन ट्रस्‍ट्स शामिल हैं. मुस्लिम समुदाय के नेताओं ने कहा है कि वैसे तो बकरीद के विरोध को लेकर पशु एक्टिविस्‍ट्स हमेशा मुखर रहे हैं, भेड़े और बकरी खरीदने का कदम राज्‍य के कुछ हिस्‍सों में उनकी उपलब्‍धता पर असर डालेगा.

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