पहली बार किसी ने गांधी की समाधि को बताया अवैध और की उसको गिराने की मांग

अभी कुछ समय पहले ही उत्तर प्रदेश के ही जिला अलीगढ़ में ही हिन्दू महासभा की एक महिला नेता ने गांधी के पुतले को गोली मार कर उस पर खून फेंका था जिस पर भारत का बुद्धिजीवी समाज काफी नाराज हुआ था . और वो और कांग्रेस ने तो बाकायदा इस मामले पर मोर्चा खोल दिया और गांधी के पुतले तक को गोली मारने वाली महिला नेता के खिलाफ तब तक रोष प्रदर्शन जारी रखा जब तक कि उनको गिरफ्तार कर के जेल नहीं भेज दिया गया .

उस समय एक ख़ास वर्ग विशेष भी इसको हिंदुत्व और भगवा आदि से जोड़ कर देखने लगा था और सोशल मीडिया पर खोल दिया था मोर्चा हिंदुत्व की विचारधारा को गांधी के खिलाफ बताते हुए . लेकिन अब जिसका बयान आया है वो उन्ही लोगों के आदर्शो में से है जिसने चुनौती दी है सरकार को कि उसने अगर साहस है तो गांधी की समाधि को गिरा कर दिखाए क्योकि उसकी NOC नहीं है .. ये नेता कोई और नहीं पिछले चुनावों में कांग्रेस के गठबंधन साथी रहे आजम खान हैं .

आजम खान द्वारा बनाया गया उर्दू गेट जो अवैध था वो गिरा दिया गया तो उन्होंने उसकी तुलना सीधे सीधे गांधी की समाधि से कर डाली और कहा कि सरकार में हिम्मत हो तो गांधी की समाधि भी गिराये क्योकि उसकी NOC नहीं है.  सपा नेता आजम खान ने डीएम को खुली चुनौती देते हुए कहा कि गांधी समाधि की भी एनओसी नहीं है हिम्मत है तो उसे गिराये। सपा शासन में बनाये गये उर्दू गेट को तोड़े जाने के बाद से समाजवादी पार्टी में काफी आक्रोश है. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार आजम खान ने कहा कि वो क्या क्या-क्या गिराएंगे और क्या अब का प्रशासनिक अधिकारी DM कोई तानाशाह हैं ? फिलहाल आजम खान के इस बयान के बाद उसी बुद्धिजीवी वर्ग में छाई है ख़ामोशी और कोई भी इस मामले में बोलना तक उचित नहीं समझ रहा है .

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