बरेली में 8 बच्चो का अब्बा और 75 साल का बूढा अरशद जानिये क्यों झूल गया फांसी ?


अरशद को इलाके में तमाम लोग चाचा जी बोलते थे और वो अपने जीवन के अंतिम चरण में कहा जा सकता था .. हर कोई उसको अपने घर में बुजुर्ग मान कर बुलाता था और एक बुजुर्ग के रूप में यथोचित सम्मान भी दिया करता था.. अचानक ही खबर आई कि अरशद चाचा खुद से ही फांसी पर झूल गए तो किसी को भी यकीन नही हुआ और हर कोई उनके घर की तरफ दौड़ा .. मीडिया भी पहुची और पता करने की कोशिश में लग गई कि आखिर हुआ क्या था .. तब तक पुलिस भी पहुच चुकी थी .

अरशद 75 साल का होने के साथ 8 औलादों का अब्बा भी था .. उसकी औलादें भी अधेड़ हो चुकी थीं जिसमे 5 लड़के और तीन लड़कियां थीं . कुछ ही समय पहले उनकी पहली बीबी का इंतकाल हो चुका था और उसके बाद से ही वो अपने बेटी बेटों से जिद कर रहा था कि उसको हर हाल में दूसरा निकाह करना है . वो तो बाकायदा अपने लिए दूसरी बीबी भी देखना शुरू कर चुका था और अपने वृद्ध साथियो से अपने दूसरे निकाह की चर्चा भी किया करता था.. लेकिन अचानक ही उसके सपनों पर पानी फिर गया ..

ये मामला है बरेली जिले के सीबीगंज थानाक्षेत्र का.. यहाँ पर काशीराम कालोनी के पास पड़ने वाले सनौआ क्षेत्र में अरशद के घर में आये दिन कलह हो रही थी . पड़ोसियों को अब्बा और बेटों में रोज लड़ने की आवाज आती थी तो वो जान जाते थे कि अरशद दूसरे निकाह की जिद 75 साल में कर रहा है जिसको उसके बेटे बेटियां मान नहीं रहे है . एक दिन हार हर जब सबने अरशद का दरवाजा खोला तो पाया कि अरशद ने खुद से फांसी लगा ली है और उसका शव झूल रहा था . अरशद ने फांसी लगाने के लिए जुमे का दिन अर्थात शुक्रवार चुना था ..

इस से पहले अरशद ने अपने घर में इसी गुस्से में खर्चा आदि देना बंद कर दिया था तो उसी गुस्से में उसके बेटों ने उसका खाना पीना भी अपने घर में रोक रखा था . अरशद ने हर वो कोशिश की जिसके बाद उसका परिवार उसकी बात मान जाए लेकिन उसकी औलादों ने 75 साल में दुनिया क्या कहेगी आदि बातें कह कर उसको बार बार मना किया . आखिरकार अरशद ने शुक्रवार को फांसी लगा ली और अपनी जीवन लीला समाप्त कर डाली है .


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