जौनपुर में अड़ गया है मंसूर अली, बोला- “नहीं लगने देगा प्रभु हनुमान जी की मूर्ति”… धर्मनिरपेक्षता का कहीं नामोनिशान नहीं

मंसूर अली कहता तो ये था कि वह सबसे प्यार करता है, मोहब्बत करता है, अमन-पसंद है. वह अक्सर धर्मनिरपेक्ष लोकतंत्र की बातें भी करता था लेकिन ये उसका वास्तविक चेहरा नहीं था. मंसूर अली की हकीकत उस समय सामने आयी जब वह बजरंग बली का मंदिर बनवा रहे गांववालों के सामने तनकर खड़ा हो गया कि किसी भी हालात में हनुमान जी की मूर्ति नहीं लगने देगा. गांववालों ने उसे समझाने का प्रयास किया तो वह मरने-मारने पर उतारू हो गया, जिसके बाद क्षेत्र में साम्प्रदायिक तनाव पैदा हो गया तथा भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा.

मामला उत्तर प्रदेश के जौनपुर के खुटहन थाना क्षेत्र के संजरपुर गांव का है जहाँ एक दिन पहले भूमि में मिली बजरंग बली की मूर्ति वाले स्थान पर मंदिर बनाने काे लेकर गांव के हिंदू आैर मुस्लिम आमने-सामने हाे गए हैं. खबर के मुताबिक़, गांव में कुश (कास) के बीच भूमि में एक दिन पहले उभरा हुआ पत्थर मिला. ग्रामीणाें ने उत्सुकता वश उसे खाेदा ताे वह बजरंग बली की मूर्ति मिली. इसके बाद ग्रामीणों ने जयकारे के साथ उसी स्थान पर मंदिर बनवाने का एलान कर दिया. इसकी जानकारी हाेने पर गांव के मंसूर अली तनकर खड़ा हो गया कि वह बजरंग बली की मूर्ति को नहीं लगने देगा, जिसके बाद साम्प्रदायिक तनाव की स्थिति पैदा हो गयी तथा मंसूर अली के साथ पूरा मुस्लिम समुदाय बजरंग बली की मूर्ति न लगने देने पर अड़ गया.

सूचना मिलने पर उप जिलाधिकारी  राकेश वर्मा शाहगंज देर शाम पुलिस फोर्स के साथ गांव में पहुंचे आैर मूर्ति उखड़वाकर बगल पीपल के पेड़ के पास रखवा दिया था. इसे लेकर आक्रोशित ग्रामीणों ने रविवार को पुनः उसी स्थान पर मूर्ति लाकर रखकर पूजन अर्चन शुरू कर दिया. नाव की जानकारी हाेने पर एसडीएम, सीओ अजय कुमार श्रीवास्तव, काेतवाली शाहगंज, थाना खुटहन, सरायख्वाजा आैर सरपतहां थाने की फाेर्स के साथ दाेपहर में पहुंचे. दाेनाें पक्षाें काे शाम चार बजे तक समझाने-बुझाने का प्रयास किया. प्रशासन ने भूमि विवादित हाे जाने के कारण गांव में ही दूसरे स्थान काे चिन्हि्त कर वहां मूर्ति रखवाने आैर ग्रामीणाें काे मंदिर निर्माण की अनुमति देने की बात कही. फिलहाल गाँव में साम्प्रदायिक तनाव व्याप्त था.

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