मासूम का अपहरण होते ही लगा मौलाना पर आरोप.. क्या करना चाहता है वो उस मासूम का ?


बिहार के वैशाली से हैरान करने वाली खबर सामने आई है. खबर के मुताबिक़, वैशाली जिले से एक 12 वर्षीय मासूम का अपहरण कर लिया गया है. मासूम का अपहरण एक मौलाना ने किया है. इसके बाद मासूम के परिजनों ने मौलाना पर जो आरोप लगाये हैं वो सनसनीखेज हैं. मौलाना पर मासूम के आरोपों के बाद पुलिस के भी कान खड़े हो गये हैं. परिजनों ने कहा है कि मौलाना ने उनके बेटे को आतंकी ट्रेनिंग दिलाने के लिए अगवा किया है.

मामला वैशाली जिले के पातेपुर महुआ का है. महुआ बाजार निवासी मोहम्मद सैफुल्लाह ने कुछ दिनों पहले अपने बड़े बेटे 12 वर्षीय खालिद समेत दो अन्य बेटे हामिद और नासिर को पढ़ाई के लिए पास के ही मदरसा में भेजना शुरू किया. इसका संचालन शब्बीर अहमद नाम का व्यक्ति किया करता था. इस मदरसे में स्थानीय 5-6 बच्चे और भी तालीम हासिल करने के लिए आया करते थे. इसी साल जून में सैफुल्लाह कारोबार के सिलसिले में अपने परिवार को लेकर वैशाली से मुंबई वापस जाने लगा तो मौलाना शब्बीर अहमद ने खालिद को अपने पास रखकर तालीम देने की बात कही.

मौलाना कीइस बात पर सैफुल्लाह राजी हो गया और अपने दो अन्य बेटे समेत परिवार के साथ मुंबई चला गया तथा खालिद को मदरसे में छोड़ दिया. इसी दौरान मौलाना शब्बीर अहमद ने खालिद का दाखिला पटना के एक स्कूल में करा दिया और उसे अपने साथ ही राजधानी में एक कमरा किराए पर लेकर वही रहने लगा. मौलाना ने खालिद को एक महंगा स्मार्टफोन भी खरीद कर दिया था. कुछ दिनों के बाद स्कूल के तरफ से मोहम्मद सैफुल्ला को फोन के जरिए जानकारी दी गई कि खालिद की गतिविधियां संदिग्ध है और उसे वापस ले जाने की बात कही.

इसके बाद सैफुल्लाह ने अपने एक रिश्तेदार को कहकर खालिद को वापस पातेपुर पहुंचा दिया. इस बात की जानकारी जैसे ही मौलाना शब्बीर अहमद को मिली तो खालिद को वापस लाने के लिए वह 9 सितंबर को पातेपुर पहुंच गया. पातेपुर पहुंचने के बाद मौलाना शब्बीर अहमद ने बहला-फुसलाकर किसी बहाने खालिद को अपने साथ ले गया. जब 5 दिन तक खालिद वापस लौटकर घर नहीं पहुंचा तो सैफुल्लाह के रिश्तेदारों को मौलाना शब्बीर अहमद पर शक हुआ और फिर उन्होंने मौलाना के खिलाफ खालिद को अगवा करने को लेकर प्राथमिकी पातेपुर थाना में दर्ज करवाया.

पुलिस में शिकायत दर्ज होने के अगले दिन सैफुल्लाह मुंबई से वापस पातेपुर आ गया और अपने बेटे की तलाश शुरू की. इसी दौरान परिवार वालों को पता चला कि मौलाना शब्बीर अल-फुरकान नाम का एक संगठन भी चलाया करता था. अपने संगठन के नाम पर उसने एक वाट्सऐप ग्रुप भी बना रखा था जिसका एडमिन वो खुद था. इस ग्रुप में उसने सैफुल्लाह को भी जोड़ रखा था. परिवार वालों ने जब इस ग्रुप के बारे में जानकारी जुटाई तो पता चला कि ग्रुप के सदस्यों के बीच काफी संदिग्ध किस्म की बातें हुआ करती थीं. जानकारी के मुताबिक, इस वाट्सऐप ग्रुप के सदस्य जिहाद और उग्र इस्लामी विचार की बातें साझा किया करते थे.

खालिद के पिता मोहम्मद सैफुल्ला ने कहा, ‘इसी साल फरवरी में मेरी मौलाना शब्बीर अहमद से मुलाकात हुई और अपने तीनों बेटों को तालीम दिलाने के लिए मैंने उसके मदरसा पर उन्हें भेजना शुरू किया. मुझे शक है कि मेरे बेटे को किसी आतंकी संगठन में शामिल कराने के लिए मौलाना ने उसे अगवा किया है. पुलिस ने फिलहाल इस पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है. वैशाली पुलिस अधीक्षक मानवजीत सिंह ढिल्लों ने कहा कि फिलहाल इस बात को लेकर यह स्पष्ट नहीं है कि खालिद को मौलाना के द्वारा किस कारण से अगवा किया गया है. मामले की फिलहाल जांच चल रही है.

राष्ट्रवादी पत्रकारिता को समर्थन देने के लिए हमें सहयोग करेंनीचे लिंक पर जाऐं


सुदर्शन के राष्ट्रवादी पत्रकारिता को आर्थिक सहयोग करे और राष्ट्र-धर्म रक्षा में अपना कर्त्तव्य निभाए
DONATE NOW

Share