माता के दरबार में अपना खोया बेटा मांगने गई थी हरदोई की वो मुस्लिम महिला.. फिर हुआ जो चमत्कार, उसने सबको चौंका दिया

अभी हाल ही में तृणमूल कांग्रेस की सांसद नुसरत जहाँ ने जब दुर्गा पूजा पंडाल में ड्रम बजाया तथा विधि विधान से मां दुर्गा की पूजा की थी तो इस्लामिक मौलाना भड़क उठे थे. कट्टरपंथी इस्लामिक मौलानाओं ने ने कहा था कि हिन्दू आराध्यों की पूजा करके नुसरत जहाँ इस्लाम को बदनाम कर रही हैं. साथ ही मौलानाओं ने कहा था कि नुसरत जहाँ को अपना नाम बदल लेना चाहिए, इस्लाम त्याग देना चाहिए. नुसरत जहाँ के इस मामले ने तूल पकड़ लिया था.

नुसरत जहाँ के मामले पर अभी भी राजनीति हो रही है लेकिन ये जो खबर है, उससे मजहबी कट्टरपंथियों के सीने पर सांप लोट जाएगा. मामला उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले के शाहबाद इलाके का है जहाँ नवरात्रि के दौरान एक मुस्लिम महिला रेशमा अचानक से पूजा करने के लिए पहुँच गई. मुस्लिम रेशमा को दुर्गा मां की पूजा करते देख लोग चौंक गये कि कहीं इस्लामिक कट्टरपंथी इस महिला के खिलाफ कोई फतवा आदि जारी न कर दें. ऐसा इसलिए क्योंकि जिन मौलानाओं ने नुसरत जहाँ को निशाना बनाया तो रेशमाँ तो आम मुस्लिम महिला है.

हालाँकि रेशमा इस सबसे भाव विभोर होकर माँ दुर्गा की पूजा करती रही, माता रानी की आरती की. पूजा के दौरान रेशमा भावुक हो उठी तथा बारंबार माता रानी की चरण वंदना की. लोगों के पूंछने पर मुस्लिम महिला रेशमा ने बताया कि 11 दिन पहले उसका बेटा खो गया था. उसने तथा उसके परिवार ने काफी खोजबीन की लेकिन उसका बेटा नहीं मिला. थक हारकर उसने माता रानी जगतजननी माँ जगदंबा से प्रार्थना की थी कि अगर उसका बेटा मिल जाए तो वह माँ के दरबार में आकर पूजा करेगी.

रेशमा ने बताया कि लोग कहते हैं कि माँ के दरबार में जो भी फ़रियाद की जाए, मां उसे पूर्ण जरूर करती हैं.. उसे भी उम्मीद थी कि मां उसकी भी फ़रियाद सुनेंगी तथा उसका खोया बेटा उसको वापस मिल जाएगा. रेशमा ने बताया कि माँ ने उसकी फ़रियाद सुन ली तथा उसका बेटा उसको वापस मिल गया है. यही कारण है कि मैंने माँ के दरबार में आकार उनकी पूजा की है.

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