कश्मीर में अलग PM की बात करने वाले नेता ने पहले लिया था “अल्लाह” का नाम


इधर कश्मीर में भारतीय सेना देश की अखंडता तथा संप्रभुता की रक्षा के लिए अपनी जान की परवाह किये बिना देश के दुश्मनों से मुकाबला कर रही है तो वहीं दूसरी तरफ देश में ऐसी भी राजनेता हीन जो चुनाव जीतने के लिए अलगाववाद की भाषा का प्रयोग कर रहे हैं. जैसे जैसे चुनावी तारीखें नजदीक आती जा रही हैं, वैसे वैसे हिंदुस्तान में अलगाववाद फैलाने वाली राजनैतिक ताकतों ने सर उठाना शुरू कर दिया है.

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खबर के मुताबिक़, देश के एक सियासतदान ने कहा है कि वह जम्मू कश्मीर राज्य के लिए अलग प्रधानमन्त्री तथा अलग राष्ट्रपति चाहते है. जम्मू-कश्मीर के लिए अलग पीएम की मांग करने वाले ये नेता हैं जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला. यहाँ एक बात और गौर करने वाली है कि अब्दुल्ला ने जम्मू कश्मीर के लिए अलग पीएम की मांग करते समय अल्लाह का नाम लिया तथा कहा कि इंशाअल्लाह कश्मीर के लिए अलग पीएम होगा.

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कश्मीर के बांदीपोरा में एक जनसभा को संबोधित करते हुए अब्दुल्ला ने कहा कि, ‘आज हमारे ऊपर तरह-तरह के हमले हो रहे हैं और तरह-तरह की साजिशें रची जा रही हैं. जम्मू-कश्मीर की पहचान को मिटाने के लिए बड़ी- बड़ी ताकतें लगी हुई हैं. ‘बाकी रियासत बिना शर्त के देश में मिले, पर हमने कहा कि हमारी अपनी पहचान होगी, अपना संविधान होगा. हमने उस वक्त अपने “सदर-ए-रियासत” और “वजीर-ए-आजम” भी रखा था, इंशाअल्लाह उसको भी हम वापस ले आएंगे.’

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अब्दुल्ला ने बीजेपी अध्यक्ष का नाम लेते हुए कहा, ‘कल की ही बात है जब अमित शाह साहब ने किसी टीवी इंटरव्यू में कहा कि 2020 तक हम जम्मू कश्मीर से धारा 35 ए को हटाने का काम करेंगे. इससे पहले मुल्क के फाइनेंस मिनिस्टर (वित्तमंत्री) अरुण जेटली साइब ने हमें धमकी दी कि 35 ए और धारा 370 हटाई जाएगी.’ अब्दुल्ला ने कहा कि, बाकी रियासत बिना किसी शर्त के देश में शामिल हुईं, पर जम्मू-कश्मीर भारत में शामिल होने से पहले शर्त रखने वाला अकेली रियसत थी. शर्त में कहा गया था कि, हमारी अपनी पहचान होगी. अपना संविधान होगा. हमारा अपना झंडा होगा. इंशाअल्लाह उसको भी हम वापस ले आएंगे.’

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