टप्पल की महिलाओं का जीना हराम कर रखा था असलम ने.. सबकी खामोशी टूटी ट्विंकल के बलिदान के बाद

उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ की ढाई वर्षीय मासूम ट्विंकल की हैवानियत के साथ क्रूरतम ह्त्या करने वाले मजहबी उन्मादी असलम के बारे में वो खुलासे हो रहे हैं, जो रौंगटे खड़े करने वाले हैं. उन्मादी दरिंदे असलम ने टप्पल की सभी महिलाओं का जीना हराम कर रखा था. आसान शब्दों में कहें तो असलम टप्पल की महिलाओं के लिए खौफ का दूसरा नाम था. इसी खौफ के कारण कोई असलम के खिलाफ बोलने की हिमाकत नहीं कर सका. लेकिन अब ढाई वर्षीय ट्विंकल के बलिदान के बाद इन महिलाओं की खामोशी टूटी है.

शुभकामनाएं दीजिये अमेरिका की जेसिका को जिन्होंने अपना जीवन साथी चुना है भारत के जसवीर को और बस गई हैं भारत में

फ़िलहाल असलम को गिरफ्तात कर जेल भेज दिया गया है. असलम को कानून क्या सजा देगा ये तो भविष्य के गर्भ में हैं तथा इसका फैसला कोर्ट करेगा लेकिन इतना जरूर है कि उसके जेल जाने के बाद उसके मोहल्ले व आसपास के घरों की महिलाएं और बेटियां खुद को आजाद महसूस कर रही हैं. असलम की दहशत का आलम यह था कि बहन-बेटियां और महिलाएं देर सबेर घर से अकेले निकलने में कतराती थीं. करीब दो साल पहले भी वह एक 15 साल की बच्ची संग हरकत में जेल गया था। मगर असलम के पिता ने उसे जमानत पर जल्द रिहा करा दिया, इसके बाद उसके हौसले खासे बुलंद थे.

श्रीराम जन्मभूमि पर हमले के आरोपियों को उम्रकैद से संत नाराज.. बोले- “हाईकोर्ट में योगी सरकार मांगे इनके लिए मौत”

महिलाओं पर फब्तियां कसना, छेड़खानी करना उसका शगल बन गया था. असलम के बारे में पड़ोस में ही रहने वाली 15 साल की बेटी की 48 वर्षीय मां अपना दुख बयां करते हुए बताती है कि 16 मार्च 2017 को असलम उसके घर में कूद आया था तथा बाथरूम में नहा रही उनकी बेटी संग उसने हरकत की थी. उसे मौके पर दबोचा गया. पुलिस ने पॉक्सो व गुंडा एक्ट में उसे जेल भी भेजा. मगर असलम के पिता ने उसकी बहुत जल्द जमानत करा ली. बस इस दहशत में उस बेटी की मां ने अपनी बेटी कम उम्र में ही जल्दी शादी कर दी.

बलिदान से बदल रहा बंगाल… हिन्दू विरोध का पर्याय बन चुकीं ममता का एक विधायक और 12 पार्षद थाम लिए भगवा ध्वज..

उन्होंने बताया कि उनको डर था कि जेल से छूटकर आने के बाद कहीं असलम उसकी बेटी के साथ कुछ भला बुरा न कर दे. आज महिला बेहद खुश है, चलो किसी तरह वह जेल तो गया और ऊपर वाले से दुआ करती है कि अब वह बाहर न आए. वह महिला बताती है कि जो मर्द अपनी बेटी संग घिनौनी हरकत कर सकता है, उसके लिए किसी अन्य महिला या बहन-बेटी की इज्जत क्या मायने है. यही वजह थी कि उससे महिलाएं डरा करती थीं. अपनी बेटियों को व खुद शौच आदि के लिए देर सबेर अकेले घर से नहीं निकलने देती थीं.

जिस लड़की पर ममता बनर्जी ने गिराया था सत्ता का कहर अब उस पर गई मोदी की नजर.. मिला एक शानदार तोहफा

टप्पल की महिलाओं का कहना है कि ट्विंकल बिटिया के कारण आज असलम जेल गया है. आज हमारी मासूम बच्ची हमारे बीच नहीं है लेकिन ट्विंकल के दुनिया से जाने के बाद मौहल्ले की तमाम बच्चियां शायद खुद को सुरक्षित महसूस कर रही हैं. उन्होंने बताया कि अगर पहले से ही असलम के खिलाफ सभी ने मिलकर आवाज उठाई होती तो ट्विंकल आज हमारे बीच होती. महिलाओं ने अपील की है कि असलम को फांसी की सजा दी जाए या फिर उसको हमेशा के लिए जेल में ही रखा जाए ताकि कोई दूसरी ट्विंकल उसका शिकार न बन सके.

राष्ट्रवादी पत्रकारिता को समर्थन देने के लिए हमें सहयोग करेंनीचे लिंक पर जाऐं

राष्ट्रवादी पत्रकारिता को समर्थन देने हेतु हमे आर्थिक सहयोग करे. DONATE NOW पर क्लिक करे
DONATE NOW