कश्मीर ही नहीं अरुणाचल वालों की जीवन रक्षक बनी सेना…

एक तरफ भारतीय जवान कश्मीर पर पाकिस्तानी सेना के सीजफायर और आतंकवादियों द्वारा लगातार घुसपैठ करने की कोशिश को नाकाम कर रहे है। जहाँ एक तरफ कश्मीर में अलगाववादियों द्वारा सेना पर पत्थर फेका जाता है, तो वहीं पर भारतीय सेना ने एक बार फिर मिसाल पेश करते हुए अरुणाचल प्रदेश के भालुकपोंग के पास एक भूस्खलन स्थल पर सोमवार मोर्चा सम्हालते हुए 70 महिलाओं और 50 बच्चों सहित को कुल 200 लोगों को बचा लिया।

रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल सुनील न्यूटन ने कहा कि बोमडिला के अतिरिक्त उपायुक्त के मौखिक अनुरोध पर बचाव अभियान चलाया गया, क्योंकि दो भूस्खलन स्थलों पर रविवार रात आठ बजे से 200 लोग और कोई 70 वाहन फंसे पड़े थे, न्यूटन ने कहा कि “उस इलाके में मौजूद जवान चिकित्सा अधिकारी और दो जेसीओ तथा 20 अन्य कर्मियों के साथ भूस्खलन स्थल के लिए रवाना हुए, और वहां उन्होंने अपनी चालाकी से घाटी व नदी की तलहटी के रास्ते भूस्खल के चारों तरफ से रास्ता तैयार किया, और इस तरह सोमवार सुबह 11 बजे फंसे नागरिकों को वहां से निकाला जा सका।उन्होंने कहा कि वहा फंसे सभी नागरिकों को वहां से सुरक्षित तरीके से निकाल लिया गया है। उन्होंने ने बताया कि बचाए गए सभी लोगों को आवश्यक दवाइयां और भोजन दिए गए। सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के कर्मी भूस्खलन को साफ करने की कोशिश में जुटे हुए हैं। भूस्खलन की जगह भालुकपोंग से सेसा की ओर सात किलोमीटर दूर स्थित है। 

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