सरदार पटेल के बाद दुनिया की सबसे उंची महादेव शिव की मूर्ति बन रही है वीर भूमि राजस्थान में…

गुजरात में हिंदुस्तान को एकता के सूत्र में पिरोने वाले राष्ट्रनायक लौहपुरुष सरदार पटेल की दुनिया की सबसे उंची प्रतिमा स्टैच्यू ऑफ यूनिटी लगाए जाने के बाद अब राजस्थान के नाथद्वारा में एक और प्रतिमा बन रही है जो सनातन के आराध्य देवाधिदेव भगवान शिव की होगी. इसकी लंबाई 351 फीट होगी. भगवान शिव की ध्यान करती मूर्ति का सिर 70 फीट लंबा होगा. इस कारण इसे 20 किमी दूर से भी देखा जा सकेगा. 25 बीघा जमीन पर बन रही प्रतिमा का 80% काम पूरा हो चुका है. अगले साल तक इसका निर्माण पूरा होने की उम्मीद है.

राजस्थान ने नाथद्वारा में बन रही दुनिया की दुनिया की सबसे उंची भगवान शिव की प्रतिमा में अब तक 2600 टन स्टील, 2601 टन लोहा, 26618 क्यूबिक मीटर सीमेंट और कॉन्क्रीट लग चुकी है. प्रोजेक्ट के सीनियर मैनेजर मुनीष नासा ने बताया, ‘प्रतिमा की डिजाइन का विंड टनल टेस्ट (ऊंचाई पर हवा) आस्ट्रेलिया में हुआ है. 250 किमी रफ्तार से हवा चलने के दौरान भी प्रतिमा पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा. बरसात और धूप से बचाने के लिए इस पर जिंक की कोटिंग कर कॉपर कलर किया जाएगा, जो 20 साल तक फीका नहीं पड़ेगा. प्रतिमा मिराज ग्रुप बनवा रहा है. इसके मूर्तिकार नरेश कुमावत हैं.
351 फीट की भगवान महादेव की मूर्ति के अंदर 4 लिफ्ट हैं. 2 लिफ्ट में एक बार में 29-29 श्रद्धालु 110 फीट तक और दो लिफ्ट से 280 फीट तक 13-13 श्रद्धालु एक साथ जा-आ सकेंगे. मेंटेनेंस स्टाफ के लिए तीन सीढ़ियां भी होंगी. अंदर ही पानी के 5-5 हजार लीटर के 2 वाटर हॉल बनाए हैं. एक से शिवजी का अभिषेक होगा. दूसरे का पानी आग बुझाने के लिए इस्तेमाल होगा.
  • भगवान् शिव का चेहरा 70 फीट लंबा होगा.
  • भगवान् शिव का 16 फिट लम्बा जटा होगा.
  • 275 फीट की ऊंचाई पर गर्दन होगी.
  • 160 फीट की ऊंचाई पर कंधे होंगे.
  • 175 फीट की ऊंचाई पर महादेव का कमरबंद होगा.
  • 150 फीट पंजे से घुटने तक की ऊंचाई होगी.
  • 65 फीट लंबा पंजा होगा.
  • 110 फीट का आधार बनाया गया है.
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