योगी आदित्यनाथ को दंगाई साबित करने के लिए सुप्रीम कोर्ट तक जाने वाला 65 साल का परवेज निकला इतना घिनौना

इसको अपनी उम्र का भी नाजायज फायदा मिल रहा था और तथाकथित सेकुलर ब्रिगेड के उन लोगों ने भी उस पर हाथ रखा था जो हिंदुत्व और भगवा आदि की बातें करने वालों को दंगाई मानते हैं . लेकिन आखिरकार शेर की खाल में छिपने की कोशिश करने वाले का भेडिये के रूप में उस समय असली चेहरा सामने आ ही गया जब पुलिस ने उसके काले कारनामो की पोल खोल कर रख दी . जी हां , यहाँ चर्चा हो रही है उस परवेज़ की जो योगी आदित्यनाथ के खिलाफ पहले पुलिस तक में गया था उसके बाद वो स्थानीय अदालत से ले कर दिल्ली स्थित सुप्रीम कोर्ट तक मुकदमा लड़ने गया था .

उस समय ये व्यक्ति कुछ लोगों की आखों का तारा बन गया था लेकिन आख़िरकार उसका असली चेहरा बेनकाब हो ही गया .. विदित हो कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी  खिलाफ मुकदमा लड़ रहे व्यक्ति को बलात्कार के आरोप में पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया गया है. इस बलात्कारी के इस प्रकार के घिनौने रूप को देख कर अब वो तथाकथित सेकुलर लोग भी पीछे हटने लगे हैं जो कभी अपने राजनैतिक स्वार्थो के चलते इसको प्रश्रय दिया करते थे . बताया जाता है कि उक्त बलात्कारी अपने आकाओं को खुश करने के लिए योगी आदित्यनाथ जी के खिलाफ मुकदमा भी लड़ रहा था .

इस बलात्कारी की गिरफ्तारी गोरखपुर से हुई है और इसको जेल भेज दिया गया है . पुलिस अधीक्षक (शहर) विनय सिंह ने बताया कि बीती चार जून को एक महिला द्वारा गोरखपुर के राजघाट थाने में दर्ज कराए गए बलात्कार के मामले में परवेज परवाज (64) नामक व्यक्ति को गिरफ्तार कर बुधवार को जेल भेज दिया गया. सह-आरोपी महमूद उर्फ जुम्मन की तलाश की जा रही है. पीड़िता के मुताबिक, जुम्मन झाड फूंक का काम करता है लेकिन लोगों को गुमराह करने के लिए खुद के नाम में तांत्रिक जोड़ता है . बलात्कार का मामला दर्ज कराने वाली पीडिता महिला का आरोप है कि परवेज और महमूद ने इलाज कराने के बहाने उससे बलात्कार किया था. मामले की जांच में बलात्कार की पुष्टि हुई है. एसपी (सिटी) विनय सिंह ने बताया कि परवेज़ को मंगलवार शाम नक्खास स्थित उसके घर से गिरफ्तार किया गया. उसके साथी जुम्मन की तलाश जारी है.

 

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