मंदसौर की आग में झुलस रहा है पूरा मध्यप्रदेश, घटना को राजनीति रंग देने की कोशिश कर रहे है राहुल गांधी..

मंदसौर : मध्यप्रदेश के मंदसौर में किसान हिंसक होते जा रहे हैं। पुलिस फायरिंग के बाद से मंदसौर में हिंसा की घटनाएं थमने का नाम ही नहीं ले रही हैं। हालातों को संभालने में पुलिस प्रशासन के पसीने छूट गए हैं। इसी के चलते हालातों को काबू नहीं करने के कारण मंदसौर के एसपी और डीएम का तबादला कर दिया गया है।

स्वतंत्र सिंह को हटाकर शिवपुरी के DM ओपी श्रीवास्तव को मंदसौर का नया डीएम नियुक्त किया गया और नीमच के एसपी मनोज सिंह को मंदसौर का चार्ज दिया गया है। बता दें कि कल पूरे दिन मंदसौर में हंगामा होता रहा। किसानों के इस आंदोलन ने सरकार के लिए खतरे की घंटी बजा दी है। वहीं. पुलिस प्रशासन के बयानों में भी खतरा साफ नजर आ रहा है। मंदसौर में शुरू हुई ये हिंसा अब देवास और दमोह तक पहुंच गई है।

प्रदर्शनकारी किसानों ने बुधवार को कई वाहनों में आग लगा दी और बस में सवार लोगों पर पथराव भी किया। तो वहीं, पीएम मोदी ने भी मंदसौर के हालात पर बैठक की। बताया जा रहा है कि प्रदर्शनकारी किसान मुख्यसमंत्री शिवराज सिंह चौहान से वहां आने की मांग कर रहे हैं। हालांकि, इस दौरान मंदसौर के लिए निकले कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के हेलिकॉप्टर को सुरक्षा के मद्देनजर लैंडिंग करने की इजाजत नहीं मिली। जिसके बाद राहुल गांधी दिल्ली से अपने काफिले के साथ मंदसौर के लिए रवाना हो गए हैं।

राहुल गांधी को रोकने के लिए मंदसौर में प्रशासन ने पूरी तैयारिया की हैं। बीजेपी ने संकेत दिए हैं कि मंडसौर में चल रहे किसानों के प्रदर्शन के पीछे कांग्रेस पार्टी का हाथ है। आपको बता दें कि मध्य प्रदेश में कर्ज माफी समेत कई मांगों को लेकर किसान आंदोलन कर रहे हैं। हालात बेकाबू देख शहर में अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लगा दिया गया है और अफवाहों को रोकने के लिए जिले में इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई है। हालात ज्यादा बिगड़ जाने पर एमपी के कुछ इलाकों में कर्फ्यू, धारा 144 लगाई गई, कुछ जगह मोबाइल सर्विस को भी बंद किया गया।

मंदसौर, पिपलिया मंडी, नारायणगढ़ और मल्हारगढ़ में कर्फ्यू लगा रहा। वहीं, दलोदा और सुमात्रा में भी धारा 144 लगा गई। मंदसौर में सभी मोबाइल सर्विसेस सस्पेंड कर दी गईं। देवास के हाट पिपलिया में आंदोलनकारियों ने थाने के अंदर खड़ी गाड़ियों में आग लगा दी। मध्य प्रदेश में आकर जिस आंदोलन में कई किसानों की मौत हो गयी है, उसकी शुरूआत महाराष्ट्र से हुई थी।

गौरतलब है कि कर्ज माफी और दूध के दाम बढ़ाने जैसे मुद्दे पर आंदोलन महाराष्ट्र में 1 जून से शुरू हुआ था। महाराष्ट्र में अब तक 7 लोगों की मौत हो चुकी है। मध्य प्रदेश के किसानों ने भी कर्जमाफी, मिनिमम सपोर्ट प्राइज, जमीन के बदले मिलने वाले मुआवजे और दूध के रेट को लेकर आंदोलन शुरू किया। शनिवार को इंदौर में यह आंदोलन हिंसक हो गया।

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