क्रिसमस के दिन 25 ईसाईयों ने फिर से ओढ़ लिया भगवा. बजरंग दल वालों को गले लगा कर बोले – “आप मेरे बिछड़े भाई थे, जो आज फिर मिल गये” .

उनको पता था कि उनका मूल क्या है और उनको एहसास भी था कि उनके किसी अन्य मत में जाने के कारण क्या थे . उन्हें सही समय पर वापसी का एहसास हुआ और वो वापस उस मूल धर्म में आ गये जो उनके पुरखों का हजारों वर्षो से अपनाया हुआ था .. उन्होंने भगवा वस्त्र में मौजूद बजरंग दल वालों को गले लगाया और बहते आंसुओं के साथ उन्हें अपना बिछड़ा हुआ भाई बताया . इस मौके पर जो भी था वो भाव विह्वल हो गया था .

यह मामला उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले के थाना औछा के ग्राम नगला राम सिंह का है. यहां के तीन परिवार पूर्व में ईसाई बन गए थे. वे समय समय पर गांव में ईसाई धर्म के कार्यक्रम भी करते थे. विहिप, बजरंग दल और हिन्दू धर्माचार्यों के समझाने के बाद ये परिवार हिन्दू धर्म में आने के लिये तैयार हो गए और उन्होंने एक बार फिर हिन्दू धर्म में आस्था जताई. उन्होंने वैदिक मन्त्रो के बीच परम पिता परमात्मा का स्मरण किया और फिर से तिलक लगा कर हिन्दू होने का एहसास किया .

हिन्दू धर्म में आस्था वापस आने के बाद वहां सक्रिय मिशनरियों के हौसले पस्त हो गये है और इसके साथ ही कई अन्य भटके हुए लोगों में एक चेतना सी फ़ैल गयी है . आने वाले समय में और भी उन लोगों के वापस अपने मूल धर्म में आने की सम्भावना है जिन्हें लालच से या जबरन किसी अन्य मत की तरफ घुमाया गया था .  मैनपुरी में बजरंग दल के जिला संयोजक सुशील यादव ने कहा कि कुछ समय पहले ईस्टर के मौके पर गांव नगला राम सिंह में धर्म परिवर्तन हो रहा था. इसमें कई दलित परिवार भी थे.

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