दिल्ली में पीट पीट कर मार डाला गया मौलवी.. लेकिन इसे नहीं घोषित किया गया मॉब लिंचिंग क्योंकि ….

बुद्धिजीवी वर्ग की इस बार की ख़ामोशी निश्चित रूप से समाज के हित में और स्वागतयोग्य है क्योकि इस से पहले कई ऐसे मामले भी सामने आये थे जिसे राष्ट्रीय मुद्दा केवल और केवल झूठ की बुनियाद पर बना दिया गया था.. पलवल का मामला और उसके बाद पहलू खान का विषय , सबने देखा था.. यहाँ तक कि पहलू खान के मामले में तो अदालत तक के फैसले को चुनौती दी जाने लगी और ट्विटर पर एक जंग जैसी छेड़ दी गई थी स्वघोषित बुध्दिजीवी वर्ग द्वारा .

लेकिन दिल्ली में कथित रूप से एक मौलवी की पिटाई पर जिस प्रकार से ख़ामोशी रखी गई उस से लगा कि अफवाहों को आधार बना कर शोर मचाने वाली वो गैंग अब सुधर गई है .. यहाँ ये ध्यान रखने योग्य है कि मौलवी को पीटने वाले वो रेहड़ी के दुकानदार थे जो सडको को कब्जा कर के अवैध तरीके से काम कर रहे हैं.. .पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन के बाहर सोमवार रात ईयरफोन खरीदने को लेकर हुए झगड़े में एक मौलवी की पीट-पीटकर हत्या कर दी।

मृतक की शिनाख्त कारी मोहम्मद उवैस (27) के रूप में हुई है। उवैस रेलवे स्टेशन के बाहर ईयरफोन खरीद रहा था। उसी दौरान कुछ पटरी दुकानदारों से उसका झगड़ा हो गया। पुलिस के मुताबिक, मूलरूप से गढ़ी-दौलत, पीएस कांधला, शामली (यूपी) का रहने वाला उवैस ग्रेटर नोएडा स्थित अली वर्दी इलाके के एक मदरसे में कुरान का शिक्षक था। इसका परिवार गांव में रहता है। परिवार में पिता मोहम्मद इस्लाम के अलावा मां, पांच भाई व एक बहन है।

सोमवार रात को वह गांव से पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन पहुंचा था। स्टेशन के बाहर निकलकर वह पटरी दुकानदार से ईयरफोन देखने लगा।पसंद न आने पर वापस करने लगा। इस बात पर दुकानदार ने उसे ईयरफोन लेने के लिए जबरदस्ती की। मना करने पर आसपास मौजूद दुकानदार उवैस से झगड़ा करने लगे। कहासुनी के बाद पांच-छह पटरी दुकानदारों ने उसकी पिटाई शुरू कर दी। वहां मौजूद लोगों का कहना था कि उवैस को बुरी तरह पीटा गया, जिससे वह बेहोश हो गया। बाद में पुलिस को सूचना मिली, तो पीसीआर वैन वहां पहुंची।

त्वरित कर्यवाही करते हुए दिल्ली पुलिस घायल हो चुके मौलवी उवैस को लेकर अरुणा आसफ अली अस्पताल पहुंची, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी और अस्पताल में वो मृत घोषित कर दिया गया। तलाशी के दौरान उवैस के पास से मिले आधार कार्ड से उसकी पहचान हुई, तब पुलिस ने परिवार को सूचना दी।  मॉब लिंचिग की अफवाह ने फैले इसके चलते वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने चौकसी दिखाते थे कोतवाली थाने में मामला दर्ज कर दुकानदार अय्यूब को हिरासत में ले लिया है ..

पुलिस सूत्रों के अनुसार मृतक मौलवी उवैस के शरीर पर किसी भी तरह की चोट के निशान नहीं मिले हैं। झगड़े के दौरान वह खुद ही गिर गया।  मौत कैसे हुई पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चल पाएगा। यहाँ ये जरूर ध्यान रखने योग्य है कि अय्यूब जैसे दुकानदारों के चलते आये दिन विवाद हुआ करते हैं जिसमे मारपीट से ले कर बात अक्सर आगे भी बढ़ जाया करती है . यद्दपि यहाँ ये भी माना जा रहा है कि मौलवी भी बराबर की लड़ाई करने लगा था जिसके बाद बात बढती चली गई और अंत में मारपीट पर आ कर खत्म हुई .. फ़िलहाल अय्यूब और ओवैस के झगड़े को मॉब लिंचिंग न कहने वाले बुद्धिजीवी वर्ग की भी प्रसंशा की जा रही है .

Share This Post