मेघालय में भी भगवा राज……क्या सच में कांग्रेस मुक्त हो जायेगा भारत

2014 के लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान उस समय के भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार तथा आज हिन्दुस्तान के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने कांग्रेस मुक्त भारत का नारा दिया था. कांग्रेस पार्टी ने भले ही इस नारे को को हल्के में लिया हो लेकिन आज के देश के राजनैतिक परिद्रश्य को देखकर तो यही लगता है कि भारतीय जनता पार्टी वास्तव में देश को कांग्रेस मुक्त बनाने की और तेजी से कदम बढ़ा रही है तथा कांग्रेस पार्टी का दायरा लगातार सिमटता ही जा रहा है.

हाल में पूर्वोत्तर के तीन राज्य त्रिपुरा, मेघालय व नागाल्न्द के चुनाव परिणाम आये जिसमें त्रिपुरा तथा नागालैंड में बीजेपी व उसके सहयोगियों ने जीत हासिल की वहीं कांग्रेस इन राज्यों में एक सीट तक नही जीत पाई. मेघालय में कांग्रेस पार्टी ने सर्वाधिक 21 सीटें तो हासिल की लेकिन उसके बाद भी मेघालय राज्य कांग्रेस के हाथ से फिसाल गया है. मेघालय में 2003 से ही कांग्रेस की सरकार थी. सबसे बड़ी पार्टी होने के बाद भी जहाँ कांग्रेस में सत्ता की रेस से बहार हो गयी है वहीं 2 सीटें जीतकर अमित शाह के नेतृत्व वाली बीजेपी मेघालय में NDA सरकार बनाने में कामयाब रही है.

NPP प्रमुख कोनराड संगमा के नेतृत्व में मेघालय में भारतीय जनता पार्टी के गठबंधन यानी कि NDA की सरकार बनेगी.संगमा ने रविवार शाम एनपीपी (19), भाजपा (2), यूडीपी (6), एचएसपीडीपी (2), पीडीएफ (4) और एक निर्दलीय विधायक का समर्थन पत्र राज्यपाल श्री गंगाप्रसाद को सौंप दिया है तथा राज्यपाल ने कोनराड संगमा को सरकार बनाने का निमंत्रण भी दे दिया है. मंगलवार 6 मार्च को कोनराड संगमा सुबह 10:30 बजे मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे. कोनराड संगमा मेघालय के पूर्व मुख्यमंत्री पीऐ संगमा के बेटे हैं.

मेघालय, त्रिपुरा तथा नागालैंड में बीजेपी तथा सहयोगियों की सरकार बनने के बाद देश के राज्यों में NDA का शासन होगा जबकि कांग्रेस 4 राज्यों में सिमट कर रह गयी है. राज्यपाल को ३४ विधायकों का समर्थन पात्र सौंपने के बाद संगमा ने कहा कि वह प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी जी के साथ मेघालय को विकास की नई ऊंचाइयों पर ले जायेंगे. उन्होंने कहा कि उन्हें नरेन्द्र मोदी जी की विकास की नीतिया पसंद हैं तथा उन्ही के आधार पर मेघालय आगे बढेगा. 

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