कईयों का सुहाग छीन लेने वाला हत्यारा #AbuSalem बसाना चाहता था अपना घर.. लेकिन अदालत ने दिखाया उसे हकीकत का आईना

साल 1993 के उस समय को कोई भी देशवासी नहीं भूल सकता है जब देश की आर्थिक राजधानी कही जाने वाली मुंबई में सिलसिलेवार तरीके से कई बम विस्फोट हुए थे जिसमें सेकड़ों हिन्दुओं की जानें गईं थीं. इस्लामिक आतंकी दाउद इब्राहिम तथा अबू सलेम ने ये बम धमाके कराए थे. इन बम धमाकों में जाने कितनी ही महिलाओं का सुहाग उजाड़ गया था, जाने कितनी ही बहिनों की कलाई सूनी हो गयी थी, जाने कितने ही बच्चे अनाथ हो गये थे तो जाने कितने ही माता-पिता के बुढ़ापे की लाठी उनके बच्चे मौत के घाट सुला दिए गये थे. पूरा देश इन बम धमाकों से सन्न रह गया था. इन बम धमाकों का मुख्य आरोपी दाउद अभी भी फरारी पर है तथा उसका साथी अबू सलेम नवी मुंबई की जेल में बंद है.

1993 में मुंबई में सैकड़ों हिन्दू महिलाओं के माथे का सिन्दूर पोंछने वाला अबू सलेम अपनी तीसरी शादी करना चाहता है, इसके लिए उसने 40 दिन की पैरोल के लिए याचिका लगाई थी. कितना आश्चर्यजनक है कि जिस अबू सलेम ने सैकड़ों महिलाओं को विधवा किया वो अबू सलेम तीसरी बार शादी रचाना चाहता है, अपना घर बसाना चाहता है. लेकिन इस्लामिक आतंकवादी अबू सलेम का ये ख्वाब पूरा नहीं होगा क्योंकि उसको पैरोल देने से माना कर दिया गया है. उम्र कैद की सजा काट रहे अबू सलेम की अर्जी फैसले के लिए कोंकण डिविजनल कमिश्नर (डीसी) के पास भेजी गई थी जिन्होंने उसको पैरोल देने से साफ़ इनकार कर दिया कि ये संभव नहीं होगा क्योंकि अबू सलेम पर विश्वाश नहीं किया जा सकता है. उसको पैरोल नहीं दी जायेगी.

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