मराठाओं को बदनाम करने के लिए भीड़ में घुसे थे वही… जिन्होंने थोड़े समय पहले ही किसी के इशारे पर क़ानून लिया था हाथ में

महाराष्ट्र में मराठा आरक्षण आंदोलन के दौरान हुई हिंसा आगजनी को लेकर सनसीखेज खबरें आ आ रही हैं. आशंका जताई जा रही है कि मराठा आंदोलन में वही अराजक तत्व शामिल हो गए तथा मुंबई सहित तमाम जगहों को हिंसा की आग में झोंक दिया जिन्होंने कुछ समय पहले ही (2 अप्रैल) को कानून अपने हाथ में लिया था. आपको बता दें कि महाराष्ट्र में मराठा आंदोलन के दौरान हुई हिंसा के बाद प्रशासन इसकी जांच में जुट गया है. सूत्रों के हवाले से मिल रही जानकारी के मुताबिक 25 जुलाई को बंद के दौरान ठाणे और नली मुंबई के दौरान हुई हिंसा को किसके इशारे पर अंजाम दिया गया. जांच एजेंसियां इस बात की तफ्तीश कर रही हैं कि प्रदर्शन के नाम पर हुई हिंसा में क्या वाकई आंदोलनकारी शामिल थे या कुछ असामाजिक तत्वों ने भीड़ का फायदा उठाकर अपनी नापाक मंशा को अंजाम दिया.

बताया जा रहा है कि इससे पहले महाराष्ट्र में हुए हिंसक आंदोलनों से सबक लेते हुए पुलिस बुधवार के हिंसक आंदोलन को लेकर सभी दिशा में जांच कर रही है. वह इस एंगल पर भी जांच कर रही है कि कहीं हिंसा फैलाने में नक्सलियों की कोई भूमिका तो नहीं थी? एजेंसियों को शक इस बात का भी है कि यह हिंसा अगर स्पॉन्सर्ड की गई थी तो क्या हिंसा फैलाने वालों को हवाला के जरिए पहले ही पैसे पहुंचाए गए? जांच एजेंसियों की जांच के बारे में ठाणे के पुलिस कमिशनर परमबीर सिंह का कहना है कि हिंसा के दौरान कुछ एलिमेंट्स ऐसे थे जिन्होंने भीड़ का फायदा उठाया. उनमें से कुछ लोगों की हमने पहचान कर ली है. उनके पीछे हमारी टीम गई है, उम्मीद है कि जल्द ही सभी लोगों को गिरफ्तार किया जाएगा.

गौरतलब है कि आंदोलन को उग्र होता हुआ देख आयोजक संगठन ‘मराठा क्रांती समाज’ ने आनन फानन में एक पत्रकार परिषद बुलाकर हिंसा फैलाने वालों को अपना आंदोलनकारी मानने से इनकार कर दिया. उनके आंदोलन पीछे लेने का ऐलान करने के बावजूद ठाणे और नवी मुंबई इलाके में हिंसक आंदोलन जारी रहा. दरअसल बुधवार को आंदोलन के दौरान पत्थरबाजी और आगजनी करने वाले लोग कौन थे यह कोई नहीं जानता. यहां तक कि खुद आयोजक भी उन चेहरों को नहीं पहचान पा रही है.
वहीं, महाराष्ट्र बंद का आह्वान करने वाली मराठा क्रांति समाज के नेता वीरेंद्र पवार का कहना है कि कुछ असामाजिक तत्वों ने बंद को बदनाम करने की कोशिश की है हम भी उन लोगों को लेकर जांच कर रहे हैं. आंदोलन को समर्थन कर रहे नवी मुंबई के एनसीपी विधायक नरेंद्र पाटिल ने भी बयान दिया कि प्रदर्शन के दौरान कुछ नए चेहरे भीड़ में शामिल थे जिनका मकसद हिंसा फैलाना लग रहा है. उन्होंने कहा कि आज तक मराठाओं ने कभी राष्ट्र की संपत्ति को नुक्सान नहीं पहुंचाया है लेकिन इस बार मराठाओं को बदनाम करने के लिए कुछ अराजक तत्वों ने हिंसा आगजनी की.

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