धर्मांतरण की मशीन माने जाने वाले ईसाई मिशनरियों के इवेंट में दिखी महाराष्ट्र मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की पत्नी .. कार्यक्रम का नाम था “संता बनो”

जिन सत्ता के शीर्ष व्यक्तियों से सबको आशा है कि वो भारत व हिन्दू संस्कृति को खोखला कर रहे विदेशी साजिशकर्ताओं का भंडाफोड़ करते हुए भारत को उनकी साजिशों से मुक्ति दिलाएंगे अब वही कहीं न कहीं उन विदेशी साजिशों द्वारा बिछाए जाल में फंसते नजर आ रहे हैं . महाराष्ट्र के सुदूर बाहरी हिस्से जो बुरी तरह से मिशनरियों के संक्रमण से प्रभावित है , उसी प्रदेश के मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी उन्ही मिशनियों के मंच ओर जब दिखी तो कईयो का गुस्सा स्वाभाविक रूप से निकल कर बाहर आ गया ..
विदित हो ईसाई समुदाय अपने आने वाले प्रमुख त्योहार क्रिसमस की जोर शोर से तैयारी कर रहा है ..यद्द्पि हिन्दू त्योहारों में कोई भी ईसाई सख्सियत तो दूर साधारण व्यक्ति भी बिरले ही हिस्सा लेते हैं लेकिन धर्म निरपेक्ष हिंदु सबमे बराबर भागीदारी करते हैं ..इसी क्रम में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री जी की धर्मपत्नी श्रीमती अमृता फणनवीस “संता बनो”  के कार्यक्रम में हिस्सा लेने भी पहुची और बाकायदा उसमे शामिल होने की तस्वीरें भी शेयर की ..
यद्द्पि धर्मनिष्ठ वर्ग ने श्री फणनवीस की धर्मपत्नी के इस भागीदारी को सही नहीं माना और अपनी नकारात्मक प्रतिक्रिया उनके ट्विटर पर दे डाली जिसमे कईयो ने इसे ईसाईकरण को बढ़ावा देते हुए उनके साथ उनके पति पर भी व्यंग कसे जो अक्सर मंचों से छत्रपति शिवाजी की जय किया करते हैं और जनता के अनुसार हिंदुत्व की लहर के चलते विजयी हो कर आये हैं ..यकीनन ऐसी भागीदारियाँ हिन्दू समाज के मनोबल को कमजोर करेगी क्योंकि संता बन कर सिर्फ टॉफी के लालच में कितने गरीबों को ईसाई बनाया जाता है इसे दुनिया जानती है ..पर सवाल उठता है कि क्या मुख्यमंत्री जी की पत्नी ये नहीं जानती थी ??
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