गुरुग्राम से उठी न्याय की आवाज महाराष्ट्र पहुंची.. बुलडोजर चलेगा उन गैरकानूनी बस्तियों पर जिसे माना जाता था मुस्लिम बहुल बस्तियां..

देश का साइबर सिटी कहा जाने वाला शहर गुरुग्राम आज देश में अवैध कब्जे के खिलाफ उठने वाली आवाज का नेत्रत्व करता नजर आ रहा रहा है. गुरुग्राम में कुछ हिन्दू राष्ट्रवादी युवकों ने नमाज के बहाने सरकारी जमीन व् अन्य खुले स्थानों पर कब्जा किये जाने के खिलाफ आवाज उठाई थी, उसका दूरगामी असर दिखाई दे रहा है. जहाँ गुरुग्राम में हिन्दू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने जमीन पर अवैध कब्जों के खिलाफ अभियान चलाया तो उसके बाद खबर आयी थी कि पूर्वोत्तर के अहम् राज्य त्रिपुरा में विप्लब कुमार देव के नेतृत्व वाली भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने राज्य में सरकारी जमीन पर अवैध रूप से बनाये गए राजनैतिक दलों के दफ्तरों को तोड़ने का आदेश दिया था.

लेकिन अवैध कब्जों के खिलाफ गुरुग्राम से उठी ये आवाज यहीं थमने वाली नहीं थी बल्कि बल्कि गुरुग्राम से उठी न्याय की ये आवाज पहले त्रिपुरा पहुँची तो अब छत्रपति शिवाजी की पुण्यभूमि महाराष्ट्र भी पहुँच गयी है. महारष्ट्र सरकार ने फैसला किया है कि सभी गैरकानूनी वस्तियों पर बुलडोजर चलेगा. बता दें कि ये वो गैरकानूनी बस्तियां है जिन्हें मुस्लिम बाहुल्य माना जाता है. सरकार का कहना है कि राज्य की राजधानी मुंबई के ट्रॉम्बे के चीता शिविर कई घर अवैध रूप से उस जमीन पर बनाये गये हैं जो जमीन वन विभाग की है तथा अब इस जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया जाएगा. राज्य सरकार के इस फैसले पर मुस्लिम संगठन आक्रोशित हो उठे हैं तथा सरकार के इस फैसले को तानाशाही करार दिया है.  मुस्लिम संगठनों का कहना है कि सरकार मुस्लिम समुदाय को परेशान करने वाला कार्य कर रही है लेकिन सरकार साफ़ कर चुकी है कि चिन्हित की गयी जमीन वन विभाग दवारा अधिसूचित हैं तथा उस अवैध रूप से कब्जा किया गया है.

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