मुम्बई भी मचल उठी…एक स्वर में उठी मांग, यहां भी घुसे हैं बांग्लादेशी जिन्हें तत्काल निकाला जाये

पूर्वोत्तर के राज्य असम में NRC ड्राफ्ट जारी होने के कई दिन बाद भी देश की राजनीति गरमाई हुई है तथा इसे लेकर विपक्षी पार्टियां मोदी सरकार पर हमलावर हैं. ज्ञात हो कि असम में NRC जारी होने के बाद 40 लाख लोग ऐसे पाए पाए गये हैं जो अपनी भारतीय नागरिक होने का कोई भी सबूत नहीं दे पाए हैं. हालांकि इन्हें आपने को भारतीय नागरिक साबित करने का एक अमुका और दिया गया है लेकिन आशंका जताई जा रही है इसके बाद भी ज्यादातर खुद को भरतीय नागरिक प्रमाणित नहीं कर पायेंगे क्योंकि ये बांग्लादेशी घुसपैठिये हैं.

असम में NRC को लेकर संसद से लेकर सड़क तक हंगामा मचा हुआ है वहीं असम की देखा देखी हिन्दवी साम्राज्य संस्थापक छत्रपति शिवाजी महाराज की पावन भूमि मुंबई भी NRC के लिए मचल उठी है तथा कहा है कि न सिर्फ मुंबई बल्कि पूरे महाराष्ट्र में बांग्लादेशी बड़ी तादात में बीएस चुके हैं जिन्हें तत्काल बाहर किया जाना चाहिए. ज्ञात हो कि महाराष्‍ट्र में भी असम की तरह ही एनआरसी लागू करने की मांग की जाने लगी है तथा इसकी मांग की है मराठा नेता राज ठाकरे की पार्टी महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) ने. राज ठाकरे की पार्टी ने मुंबई  सहित पूरे महाराष्ट्र में एनआरसी लागू करने की मांग करते हुए कहा है कि मुंबई में काफी तेजी से बांगलादेशियों की संख्‍या बढ़ रही है.

मनसे का कहना है कि ये बांग्लादेशी देश की आर्थिक राजनधानी मानी जाने वाली मुंबई को केंसर की तरह खा रहे हैं. राज ठाकरे की पार्टी ने मांग की है कि जिस तरह से असम में एनआरसी जारी किया गया, वैसे ही न सिर्फ मुंबई बल्कि पूरे महाराष्ट्र में जारी किया जाना चाहिए क्योंकि यहाँ भारी संख्या में बांग्लादेशियों की संख्या बढ़ती जा रही है.

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