तब पस्त हो गये भगवा पर नजर उठाने वालों के हौसले जब संभाजी भिड़े “गुरूजी” को महाराष्ट्र शासन ने दी क्लीन चिट

संभाजी भिड़े जिन्हें महाराष्ट्र के साथ ही समस्त हिन्दुस्तान के हिन्दू राष्ट्रवादी लोग “गुरूजी” के नाम से पुकारते हैं. संभाजी भिड़े गुरूजी श्री शिव प्रतिष्ठान हिंदुस्तान नामक संगठन के संस्थापक हैं. बेहद ही सरल, साधारण जीवन जीने वाले संभाजी भिड़े गुरू जी का लक्ष्य हिन्दुस्तान को “छत्रपति शिवाजी महाराज” के सपनों का हिन्दुस्तान बनाना है जिसमें छत्रपति ने हिन्दवी साम्राज्य संस्थापना का लक्ष्य लिया था. भिड़े गुरुजी के संगठन श्री शिव प्रतिष्ठान हिंदुस्तान की वेबसाइट पर संगठन का उद्देश्य बताया गया है कि उनका लक्ष्य हिंदुओं को शिवाजी और संभाजी के ब्लड ग्रुप का बनाना है.

1 जनवरी 2018 को महाराष्ट्र के भीमा-कोरेगांव में हुई हिंसा के लिए कुछ लोग श्री शिव प्रतिष्ठान हिंदुस्तान के संस्थापक संभाजी भिड़े “गुरूजी” को दोषी मान रहे हैं तथा उन्हें गिरफ्तार करने की मांग रहे हैं. भिड़े गुरूजी की गिरफ्तारी की मांग करने वाले लोग हिंदुत्व के पूज्य पावन “भगवा” से अथाह नफरत करने वाले लोग हैं जिसके कारण वह चाहते हैं कि संभाजी भिड़े की गिरफ्तारी हो क्योंकि संभाजी भिड़े गुरुजी भगवा के अनुयाई हैं. इन लोगों ने पहले तो भगवा विरोध महाराष्ट्र के भीमा-कोरेगांव में अंग्रेजों की विजय का पर्व मनाया जिसमें एक साजिश के तहत हिंसा कराई गयी. उसके बाद ये लोग अब सम्भाजी भिड़े गुरूजी के खिलाफ कार्यवाही चाहते हैं.

खैर इन भगवा विरोधी तत्वों को अब महाराष्ट्र सरकार ने जवाब दे दिया है. महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री श्री देवेंद्र फडणवीस ने श्री शिव प्रतिष्ठान हिंदुस्तान के संस्थापक तथा हिंदूवादी नेता संभाजी भिड़े गुरूजी को क्लीन चिट दे दी है. मुख्यमंत्री श्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि भीमा-कोरेगांव हिंसा में संभाजी भिड़े गुरुजी की कोई भूमिका नहीं है. मुख्यमंत्री श्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि 1 जनवरी की हिंसा को लेकर संभाजी भिड़े गुरुजी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गयी थी जिसकी जांच में पता चला है कि उस हिंसा में भिड़े गुरूजी की कोई भूमिका नहीं है. पुलिस ने सरे मामले की जांच की है तो उस हिंसा में भिड़े गुरूजी का हाथ होने का कोई सबूत नहीं मिला है. अतः कोई कुछ भी कहे लेकिन भिड़े गुरुजी की गिरफ्तारी बिलकुल नहीं हो सकती है.

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